जयपुर के परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी और बार-बार कंप्यूटर क्रैश होने के कारण NEET PG परीक्षा में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ, जिससे परीक्षार्थियों में भारी आक्रोश है।

  • जयपुर के सितापुरा सेंटर पर तकनीकी विफलता के कारण परीक्षा बाधित हुई।
  • छात्रों का दावा है कि मात्र 2 घंटे के भीतर सिस्टम 20 बार क्रैश हुआ।
  • NBEMS ने केंद्रों पर हुई गड़बड़ी के बाद री-एग्जाम कराने का संकेत दिया है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित NEET PG 2026 की परीक्षा उस समय हंगामे में बदल गई जब परीक्षा केंद्रों पर गंभीर तकनीकी खामियां सामने आईं। विशेष रूप से जयपुर के सितापुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम बार-बार बंद हो रहा था, जिससे उनकी एकाग्रता और समय दोनों का नुकसान हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों और आक्रोशित छात्रों के अनुसार, सिस्टम में इतनी अधिक खराबी थी कि मात्र दो घंटों के भीतर कंप्यूटर लगभग 20 बार क्रैश हुआ। इस अव्यवस्था के कारण परीक्षा केंद्र पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई और छात्र विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर हो गए। सचिन पायलट जैसे प्रमुख नेताओं ने भी इस प्रशासनिक विफलता की कड़ी आलोचना की है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस तरह की तकनीकी विफलताएं न केवल छात्रों के करियर को प्रभावित करती हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यदि परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और अधिक बढ़ सकती हैं।

तकनीकी बुनियादी ढांचे की विफलता राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को गंभीर रूप से खतरे में डालती है।

NBEMS (National Board of Examinations in Medical Sciences) ने स्थिति का संज्ञान लिया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जयपुर के दो केंद्रों पर हुई गड़बड़ी के कारण अब इन केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। 2.63 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की भागीदारी वाली इस परीक्षा में हुई इस चूक ने स्वास्थ्य मंत्रालय और परीक्षा नियामक निकायों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, पेपर लीक और तकनीकी खराबी जैसी घटनाओं ने कई बार बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है, जिससे अंततः परीक्षा के पैटर्न और सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव किए गए हैं।

Frequently Asked Questions

1. क्या NEET PG परीक्षा पूरी तरह रद्द कर दी गई है?
नहीं, केवल उन केंद्रों पर परीक्षा बाधित हुई है जहाँ तकनीकी खराबी आई थी, और वहां री-एग्जाम कराया जाएगा।

2. जयपुर के किन केंद्रों पर समस्या आई?
मुख्य रूप से सितापुरा स्थित केंद्रों पर गंभीर तकनीकी समस्याएं दर्ज की गई हैं।

Did You Know?: NEET PG परीक्षा में देश भर से लगभग 2.63 लाख से अधिक डॉक्टर शामिल होते हैं, जो चिकित्सा क्षेत्र के भविष्य का निर्धारण करते हैं।