देशभर में 1,111 केंद्रों पर 2.66 लाख डॉक्टरों ने NEET PG परीक्षा दी। जयपुर के दो केंद्रों पर अनियमितताओं की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन ने पुन: परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
- 2.66 लाख डॉक्टर देशभर के 1,111 केंद्रों पर परीक्षा में शामिल हुए।
- जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर री-एग्जाम का आदेश।
- सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद परीक्षा प्रक्रिया में चुनौतियां।
भारत की प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा, NEET PG, का आयोजन देशव्यापी स्तर पर किया गया, जिसमें लगभग 2.66 लाख डॉक्टर शामिल हुए। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने 339 शहरों में कुल 1,111 परीक्षा केंद्र स्थापित किए थे। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए हर केंद्र पर कड़े प्रोटोकॉल लागू किए गए थे।
हालांकि, परीक्षा के दौरान जयपुर से चिंताजनक खबरें सामने आईं। जयपुर के दो प्रमुख केंद्रों पर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद, अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन केंद्रों के परिणामों को रद्द करने और री-एग्जाम (पुनः परीक्षा) का ऐलान करने का निर्णय लिया है। यह कदम परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। NEET PG जैसी उच्च-स्तरीय परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली न केवल उम्मीदवारों के भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे देश की चिकित्सा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती है।
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि योग्य डॉक्टरों का चयन हो सके।
परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों ने कठिनाई स्तर को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। ग्वालियर जैसे शहरों में भारी बारिश के कारण अभ्यर्थियों को केंद्रों तक पहुँचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते प्रशासन ने समय से पहले निकलने की सलाह दी थी।
साथ ही, परीक्षा नियमों को लेकर भी स्पष्टता दी गई है। उम्मीदवारों को सख्त ड्रेस कोड और सामान के नियमों का पालन करना अनिवार्य था, जिसमें बुर्का, कड़ा या कृपाण जैसे धार्मिक प्रतीकों को लेकर भी विशिष्ट शर्तें लागू थीं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जयपुर के केंद्रों पर क्या हुआ?
उत्तर: जयपुर के दो केंद्रों पर परीक्षा में अनियमितता और गड़बड़ी की सूचना मिली, जिसके कारण प्रशासन ने वहां री-एग्जाम का निर्णय लिया है।
प्रश्न 2: इस वर्ष कितने उम्मीदवार शामिल हुए?
उत्तर: इस वर्ष लगभग 2.66 लाख डॉक्टरों ने देश के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा दी।