द रियरव्यू पॉडकास्ट के इस विशेष एपिसोड में नोबेल विजेता अब्दुस सलाम के जीवन का अन्वेषण किया गया है, जिन्होंने विज्ञान की दुनिया में पाकिस्तान और मुस्लिम जगत का नाम रोशन किया।

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  • अब्दुस सलाम विज्ञान में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले मुस्लिम बने।
  • उन्होंने इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म और 'कमजोर बल' (Weak Force) के एकीकरण के सिद्धांत की खोज की।
  • एक छात्रवृत्ति पाने के लिए उन्हें 'किसान का बेटा' दिखाने के लिए एक गाय का सहारा लेना पड़ा था।

अब्दुस सलाम का जन्म 1926 में पंजाब के झंग नामक एक छोटे से कस्बे में हुआ था। एक गरीब स्कूल शिक्षक के बेटे के रूप में, उन्होंने मिट्टी की दीवारों वाले घर में तेल के दीये की रोशनी में अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी की। उनकी प्रतिभा इतनी असाधारण थी कि उन्होंने किशोरावस्था में ही पूरे प्रांत में परीक्षा के रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और गणितीय प्रतिभा के मामले में महान रामानुजन की बराबरी करने का साहस दिखाया था।

उनके जीवन का एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब उनके चाचा ने जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा उन्हें सौंप दिया, ताकि उनके पिता को कागजों पर 'किसान' माना जा सके। यह चालाकी इसलिए की गई ताकि सलाम उन छात्रवृत्तियों के लिए पात्र हो सकें जो विशेष रूप से किसानों के बेटों के लिए आरक्षित थीं। इसी संघर्ष और दृढ़ संकल्प के कारण 1946 में उन्हें कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय जाने का अवसर मिला।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि अब्दुस सलाम की कहानी केवल वैज्ञानिक उपलब्धि की नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक बाधाओं को पार करने की है। उन्होंने यह साबित किया कि ज्ञान की खोज किसी भौगोलिक सीमा या आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती। उन्होंने पश्चिमी दुनिया के बड़े नेटवर्क से बाहर रहकर, ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन में अपनी रिसर्च पूरी की, जो आज के उभरते वैज्ञानिकों के लिए एक प्रेरणा है।

कैम्ब्रिज में उनकी मुलाकात प्रसिद्ध खगोलशास्त्री फ्रेड होयल से हुई। होयल एक नास्तिक थे, लेकिन उन्होंने सलाम की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें सिविल सेवा के सुरक्षित रास्ते को छोड़कर भौतिक विज्ञान की जटिल दुनिया में कदम रखने के लिए प्रेरित किया। सलाम के लिए विज्ञान और धर्म में कोई टकराव नहीं था; वे भौतिकी को ईश्वर की लिखावट को पढ़ने के एक तरीके और इबादत के रूप में देखते थे।

"अब्दुस सलाम ने ब्रह्मांड की दो अलग-अलग दिखने वाली ताकतों को एक ही सूत्र में पिरोकर आधुनिक भौतिकी की दिशा बदल दी।"

1979 में, उन्होंने भौतिकी में नोबेल पुरस्कार जीता, जिससे वे विज्ञान में नोबेल जीतने वाले पहले मुस्लिम और सी.वी. रमन (1930) के बाद उपमहाद्वीप के पहले भौतिक विज्ञानी बने। हालांकि, इस वैश्विक सम्मान के पीछे एक गहरा दुख भी था। जिस देश के लिए उन्होंने काम किया, उसी पाकिस्तान ने पुरस्कार मिलने से पांच साल पहले उन्हें 'गैर-मुस्लिम' घोषित करने वाला कानून पारित कर दिया था।

क्या आप जानते हैं?: अब्दुस सलाम ने यह साबित किया कि बिजली-चुंबकत्व (Electromagnetism) और कमजोर परमाणु बल वास्तव में एक ही बल के दो अलग-अलग रूप हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: अब्दुस सलाम को नोबेल पुरस्कार किस खोज के लिए मिला?
उत्तर: उन्हें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और कमजोर परमाणु बलों के एकीकरण के सिद्धांत के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

प्रश्न 2: सलाम के जीवन में फ्रेड होयल की क्या भूमिका थी?
उत्तर: फ्रेड होयल ने उन्हें सिविल सेवा छोड़कर भौतिकी में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया, जिसे सलाम ने अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण बातचीत बताया।