राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RGUHS) ने संबद्ध कॉलेजों को सरकारी निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने पर सख्त चेतावनी दी है और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की बात कही है।

  • RGUHS ने नर्सिंग, AHS और फिजियोथेरेपी कॉलेजों को सरकारी सीमा से अधिक शुल्क लेने से मना किया।
  • शिकायतों में खुलासा हुआ कि सरकारी कोटा सीटों के लिए ₹50,000 तक अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा था।
  • KEA काउंसलिंग और सरकारी शुल्क संरचना का पालन करना अब अनिवार्य है।

बेंगलुरु स्थित राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RGUHS) ने अपने सभी संबद्ध नर्सिंग, एलाइड हेल्थ साइंसेज (AHS) और फिजियोथेरेपी कॉलेजों को एक सख्त निर्देश जारी किया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सरकारी निर्धारित शुल्क से अधिक किसी भी राशि की वसूली नहीं की जाएगी।

यह कदम छात्रों द्वारा दर्ज कराई गई उन शिकायतों के बाद उठाया गया है जिनमें आरोप लगाया गया था कि कई कॉलेज सरकारी कोटा की सीटों के लिए भी ₹50,000 तक की अतिरिक्त फीस वसूल रहे हैं। ये शिकायतें कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) और RGUHS की प्रवेश निगरानी समिति के पास पहुंची थीं।

निर्धारित शुल्क संरचना

राज्य सरकार के आदेशानुसार, नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क सीमा इस प्रकार निर्धारित की गई है:

कोटा प्रकारउम्मीदवार श्रेणीअधिकतम वार्षिक शुल्क
सरकारी कोटासभी उम्मीदवार₹10,000
मैनेजमेंट कोटाकर्नाटक के उम्मीदवार₹1 लाख
मैनेजमेंट कोटागैर-कर्नाटक उम्मीदवार₹1.40 लाख

विश्वविद्यालय ने दोहराया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से KEA काउंसलिंग के माध्यम से होनी चाहिए। कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी बहाने से छात्रों से कोई भी अनधिकृत, अतिरिक्त या छिपा हुआ शुल्क (Hidden Charges) न लें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, कर्नाटक में स्वास्थ्य शिक्षा का व्यवसायीकरण एक गंभीर मुद्दा बन गया है। जब संस्थान सरकारी सीमाओं का उल्लंघन करते हैं, तो यह आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के लिए बाधा उत्पन्न करता है, जिससे शिक्षा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित हो जाती है।

"मेडिकल कॉलेजों द्वारा 'हिडन फीस' की वसूली सार्वजनिक स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली की अखंडता को कमजोर करती है और छात्रों का शोषण करती है।"

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सर्कुलर में कहा गया है कि आवश्यक होने पर ऐसे मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: RGUHS एशिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालयों में से एक है, जो कर्नाटक भर के सैकड़ों कॉलेजों की देखरेख करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: यदि कोई कॉलेज अतिरिक्त शुल्क मांगता है तो छात्र क्या करें?
छात्रों को तुरंत RGUHS प्रवेश निगरानी समिति या कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) को इसकी रिपोर्ट करनी चाहिए।

प्रश्न 2: क्या यह चेतावनी सभी स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों पर लागू होती है?
हाँ, यह निर्देश RGUHS से संबद्ध नर्सिंग, एलाइड हेल्थ साइंसेज (AHS) और फिजियोथेरेपी कॉलेजों के लिए है।