आंध्र विश्वविद्यालय क्वांटम तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में अत्याधुनिक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। विशाखापत्तनम में आयोजित QUEST-AI सम्मेलन में इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की गई।

  • आंध्र विश्वविद्यालय क्वांटम, एआई और सेमीकंडक्टर के लिए तीन नए उत्कृष्टता केंद्र बनाएगा।
  • यह परियोजना अगले 2-3 वर्षों में पूरी होने की उम्मीद है।
  • भारत सरकार की ₹6,000 करोड़ की नेशनल क्वांटम मिशन योजना के साथ तालमेल बिठाया जाएगा।

विशाखापत्तनम स्थित आंध्र विश्वविद्यालय ने तकनीकी नवाचार के एक नए युग की शुरुआत करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय के कुलपति जी.पी. राजा शेखर ने मंगलवार को बताया कि विश्वविद्यालय क्वांटम तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में विशेष 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (CoE) स्थापित करने की योजना बना रहा है।

यह घोषणा विशाखापत्तनम में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन QUEST-AI (Quantum-Enhanced Sustainable Technologies for AI Systems) के उद्घाटन के दौरान की गई। कुलपति राजा शेखर ने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के समापन के बाद, अब ध्यान गुणवत्तापूर्ण विकासात्मक गतिविधियों और अनुसंधान को व्यावहारिक समाधानों में बदलने पर है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम भारत की वैश्विक तकनीकी दौड़ में स्थिति को मजबूत करेगा। केवल सैद्धांतिक अनुसंधान के बजाय, व्यावहारिक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करने से स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को सीधा लाभ होगा।

IIT तिरुपति के निदेशक के.एन. सत्यनारायण ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ₹6,000 करोड़ की नेशनल क्वांटम मिशन योजना इस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग और क्लासिकल कंप्यूटिंग का एक हाइब्रिड मॉडल काम करेगा। उन्होंने आंध्र प्रदेश को एक 'क्वांटम वैली' और एकीकृत क्वांटम-एआई इकोसिस्टम बनाने का अवसर बताया, जिसमें IBM और TCS जैसे वैश्विक दिग्गजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

क्वांटम कंप्यूटिंग क्लासिकल कंप्यूटिंग को पूरी तरह से प्रतिस्थापित नहीं करेगी, बल्कि दोनों मिलकर एक हाइब्रिड मॉडल के रूप में कार्य करेंगे।

सम्मेलन में जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मारवन धाम्रिन ने भारत और जापान के बीच अनुसंधान सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर और एआई के लिए एक 'वर्टिकली इंटीग्रेटेड सोसाइटी' बनाने की जरूरत है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की फेडरेशन यूनिवर्सिटी के नाबिल मोहम्मद ने चेतावनी दी कि भविष्य के डेटा केंद्रों को चलाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ संसाधनों का विकास करना एक बड़ी चुनौती होगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आंध्र विश्वविद्यालय, जो अपनी लंबी शैक्षणिक विरासत के लिए जाना जाता है, अब अपने शताब्दी वर्ष के बाद अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्रों के माध्यम से खुद को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर फिर से स्थापित कर रहा है। यह बदलाव पारंपरिक शिक्षा से हटकर उद्योग-केंद्रित अनुसंधान की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

Did You Know?: क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कुछ जटिल गणनाओं को अरबों गुना तेजी से कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

1. आंध्र विश्वविद्यालय किन क्षेत्रों में नए केंद्र बना रहा है?
विश्वविद्यालय क्वांटम तकनीक, एआई और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रहा है।

2. इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य अनुसंधान को केवल थ्योरी तक सीमित न रखकर उसे समाज के लिए उपयोगी व्यावहारिक समाधानों में बदलना है।