आंध्र प्रदेश सरकार ने मारिकावलासा में जनजातीय छात्रों के लिए एक विशेष 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' शुरू किया है, जो NEET और IIT-JEE जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान करेगा। इस पहल का उद्देश्य देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में ST छात्रों का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है।

  • मारिकावलासा में 600 छात्रों (300 लड़के, 300 लड़कियां) के लिए कोचिंग केंद्र शुरू।
  • NEET और IIT-JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण।
  • कोचिंग एजेंसी के रूप में 'फिजिक्स वाला' (Physics Wallah) को जिम्मेदारी दी गई।
  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर सह-शिक्षा प्रारूप।

आंध्र प्रदेश सरकार ने जनजातीय (ST) छात्रों के शैक्षिक भविष्य को संवारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। विशाखापत्तनम के मारिकावलासा में एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (CoE) की स्थापना की गई है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के छात्रों को NEET और IIT-JEE जैसी कठिन राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए गहन कोचिंग प्रदान करना है, ताकि वे देश के शीर्ष चिकित्सा और इंजीनियरिंग संस्थानों में अपनी जगह बना सकें।

APTWREIS सचिव एम. गौतम ने हाल ही में इस केंद्र का निरीक्षण किया और इसे राज्य सरकार का एक 'ऐतिहासिक निर्णय' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केंद्र पिछड़ा वर्ग और समाज कल्याण विभागों के तहत चल रहे समान केंद्रों की तर्ज पर बनाया गया है। केंद्र में कुल 600 इंटरमीडिएट छात्रों के प्रवेश की व्यवस्था है, जिसमें 300 लड़के और 300 लड़कियां शामिल होंगी। इन छात्रों का चयन पूरी तरह से योग्यता (Merit) के आधार पर किया जाएगा।

कोचिंग और बुनियादी ढांचा

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कार्यान्वयन के लिए नोएडा स्थित प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान Physics Wallah को चुना गया है। संस्थान ने पहले ही 18 फैकल्टी सदस्यों को तैनात कर दिया है और कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, समर्पित वार्डन और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। हालांकि यह एक सह-शिक्षा (Co-educational) मॉडल है, लेकिन सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास और कक्षाएं बनाई गई हैं।

यह पहल जनजातीय समुदायों के बीच शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें मुख्यधारा की प्रतिस्पर्धा में लाने के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल कोचिंग प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। जनजातीय क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण छात्र अक्सर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते। विशाखापत्तनम जैसे शैक्षिक केंद्र में इस तरह के संस्थान की स्थापना से उत्तर आंध्र के एजेंसी क्षेत्रों के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में जनजातीय छात्रों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) लंबे समय से शिक्षा का आधार रहे हैं। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा अपनाया गया यह नया मॉडल इसी सफल अवधारणा का विस्तार है, जो आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण को भी जोड़ता है।

Did You Know?: मारिकावलासा को इसके रणनीतिक स्थान और विशाखापत्तनम के शैक्षिक हब के करीब होने के कारण चुना गया है, ताकि छात्रों को परिवहन में आसानी हो।

Frequently Asked Questions

1. इस केंद्र में कौन सी परीक्षाएं सिखाई जाएंगी?
यहाँ मुख्य रूप से NEET (मेडिकल) और IIT-JEE (इंजीनियरिंग) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।

2. छात्रों का चयन कैसे होगा?
केंद्र में प्रवेश केवल मेरिट-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा।