नई दिल्ली में आयोजित 'GenZ on the rise' कन्वेंशन में देशभर के छात्र नेताओं ने भ्रष्टाचार और शिक्षा प्रणाली की खामियों के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित की। झारखंड से लेकर तमिलनाडु तक, छात्र अब चुप रहने को तैयार नहीं हैं।

  • AISA द्वारा आयोजित 'GenZ on the rise' कन्वेंशन में देशभर के छात्र प्रतिनिधि शामिल हुए।
  • झारखंड में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों ने कड़ा रुख अपनाया।
  • छात्र नेताओं ने शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक खामियों पर सवाल उठाए।
  • आंदोलन का अगला चरण उत्तर प्रदेश में शुरू होने की संभावना है।

नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित 'GenZ on the rise' कन्वेंशन ने देश के छात्र राजनीति परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया है। अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में झारखंड के प्रदर्शनकारियों से लेकर IIT दिल्ली और NALSAR हैदराबाद के छात्रों तक, विभिन्न राज्यों के छात्र प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और संघर्षों को साझा किया।

AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जो हाल ही में जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान 23 दिनों की भूख हड़ताल के कारण चर्चा में रहीं, ने इस सम्मेलन का संचालन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये आंदोलन अलग-थलग नहीं हैं, बल्कि एक साझा धागे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश भर के छात्र अब यह समझ चुके हैं कि भ्रष्ट शिक्षा प्रणालियों को चलाने वालों से सवाल पूछे जा सकते हैं।

व्यवस्था के खिलाफ एकजुटता

सम्मेलन के दौरान, जंतर-मंतर मार्च के दौरान चोटिल होने वाले छात्र शेख इरशाद मंसूरी ने व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "जो हुआ वह गलत था। जब उन पर हमला किया गया तब छात्र निहत्थे थे। जेन जी (Gen Z) अब गलत चीजों के खिलाफ एकजुट हो गया है।"

झारखंड से आई प्रतिनिधि हबीबा ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में पेपर लीक और अनियमितताओं के गंभीर मुद्दों को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि समस्या केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भ्रष्टाचार और सीटों की बिक्री भी शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जेन जी अब शांत नहीं बैठेगा।

छात्रों का यह नया स्वरूप केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक संगठित सामाजिक चेतना का उदय है जो व्यवस्था की जवाबदेही तय करना चाहता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह आंदोलन केवल छात्र राजनीति तक सीमित नहीं है। यह देश की सबसे बड़ी आबादी—युवाओं—के बीच बढ़ते असंतोष और डिजिटल रूप से जागरूक पीढ़ी के संगठित होने का प्रमाण है। जब शिक्षा जैसी बुनियादी संस्थाओं में भ्रष्टाचार होता है, तो यह सीधे तौर पर देश के भविष्य को प्रभावित करता है।

तमिलनाडु की अनिता की मृत्यु के मामले में उनके भाई मनीरत्नम ने भी अपनी बात रखी, जो चिकित्सा उम्मीदवारों के संघर्ष को दर्शाता है। इसी तरह, IIT दिल्ली के प्रतिनिधियों ने हाल ही में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया।

Did You Know?: 'Gen Z' शब्द का प्रयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जिनका जन्म लगभग 1997 से 2012 के बीच हुआ है, जो तकनीक और सामाजिक न्याय के प्रति अत्यधिक जागरूक माने जाते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'GenZ on the rise' अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों में चल रहे अलग-अलग छात्र आंदोलनों को एक साझा मंच प्रदान करना और उन्हें एकजुट करना है।

प्रश्न 2: AISA का अगला चरण कहाँ आयोजित होगा?
उत्तर: अभियान का दूसरा चरण उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाएगा।