VIT चेन्नई में अंतरराष्ट्रीय तकनीकी उत्सव TechnoVIT’26 की शुरुआत हुई, जिसमें 140 से अधिक कार्यक्रम और 15,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। रूसी उप कौंसुल जनरल ने नवाचार को मानवता की सेवा से जोड़ने पर जोर दिया।

  • TechnoVIT’26 का विषय 'समावेशी नवाचार' (Inclusive Innovations) रखा गया है।
  • 14 देशों के 15,000 से अधिक छात्र इस उत्सव में भाग ले रहे हैं।
  • रूसी उप कौंसुल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन ने कहा कि नवाचार का उद्देश्य मानव जीवन में सुधार लाना होना चाहिए।

चेन्नई के वेलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय तकनीकी उत्सव TechnoVIT’26 का शानदार उद्घाटन किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में नवाचार, विज्ञान और तकनीक के संगम को दर्शाया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, चेन्नई में रूसी महावाणिज्य दूतावास के उप कौंसुल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन ने नवाचार की परिभाषा को एक नया आयाम दिया।

अपने संबोधन में श्री फोमिन ने कहा, "नवाचार वास्तव में तभी सार्थक है जब वह लोगों के जीवन में सुधार लाता है। नवाचार केवल विशेषज्ञों के एक छोटे समूह तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे विभिन्न पृष्ठभूमि और विषयों के लोगों के लिए खुला होना चाहिए, जो जिज्ञासा और कुछ नया बनाने के जुनून से प्रेरित हों।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तकनीकी चुनौतियां सीमाओं को नहीं मानतीं, इसलिए उनके समाधान भी वैश्विक होने चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच न केवल छात्रों के कौशल को निखारते हैं, बल्कि विभिन्न देशों के बीच तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के सेतु का काम भी करते हैं। 'समावेशी नवाचार' पर केंद्रित यह थीम भविष्य की वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करती है।

"नवाचार का उद्देश्य मानवता के लिए होना चाहिए, अन्यथा यह टिकाऊ नहीं होगा।"

इस अवसर पर डैमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स के वाइस-प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस और लॉजिस्टिक्स) अरुलसेल्वम हरिकृष्णन ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना किसी उद्देश्य के किया गया कोई भी आविष्कार स्थायी नहीं हो सकता। VIT के संस्थापक और चांसलर जी. विश्वनाथन ने कहा कि विज्ञान और तकनीक उन समाजों के लिए अनिवार्य हैं जो आर्थिक रूप से विकसित होना चाहते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

VIT (वेलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने पिछले कुछ दशकों में भारत के तकनीकी शिक्षा परिदृश्य में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। TechnoVIT जैसे उत्सवों के माध्यम से, संस्थान वैश्विक स्तर पर अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास करता रहा है।

Did You Know?: इस वर्ष के उत्सव में रूस, जापान, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया सहित 14 से अधिक देशों के छात्र भाग ले रहे हैं।

Frequently Asked Questions

1. TechnoVIT’26 का मुख्य विषय क्या है?
इस वर्ष का विषय 'समावेशी नवाचार' (Inclusive Innovations) है।

2. इस कार्यक्रम में कितने देश भाग ले रहे हैं?
इस उत्सव में भारत के साथ-साथ 14 अन्य देशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।