द हिंदू द्वारा आयोजित स्कूल साइंस फेस्ट और मैथमेटिक्स ऑलिम्पियाड 9 और 11 सितंबर को क्रमशः मंड्या और मैसूर में होगा। यह दो‑दिवसीय कार्यक्रम छात्रों को वैज्ञानिक जिज्ञासा और गणितीय कौशल विकसित करने का मंच प्रदान करेगा। सभी छात्रों के लिए प्रवेश निःशुल्क है और आकर्षक पुरस्कार उपलब्ध हैं।

  • मंड्या में 9 सितंबर, मैसूर में 11 सितंबर को कार्यक्रम आयोजित होगा
  • कक्षा 8‑10 के दो‑सदस्यीय टीमों को ‘Make in India’ मॉडल प्रस्तुत करना होगा
  • विजेताओं को नकद इनाम, ट्रॉफी और मेरिट सर्टिफिकेट मिलेगा

द हिंदू इन स्कूल साइंस फेस्ट और मैथमेटिक्स ऑलिम्पियाड 2026 (रामानुजम् स्पार्क क्वेस्ट) मंड्या के गॉवरी शंकर कल्याण मंडप और मैसूर के लीला चन्नियाह कल्याण मंडप में क्रमशः 9 और 11 सितंबर को आयोजित होगा। यह पहल छात्रों को विज्ञान और गणित में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

साइंस फेस्ट में प्रत्येक स्कूल अधिकतम छह टीमें (प्रत्येक टीम में दो छात्र, कक्षा 8‑10) पंजीकृत कर सकता है। जूनियर श्रेणी (कक्षा 8) और सीनियर श्रेणी (कक्षा 9‑10) के लिए तीन‑तीन टीमें बनायीं जा सकती हैं। टीमों को 8:30 एएम तक स्थल पर पहुँचना अनिवार्य है और उन्हें ‘Make in India’ अवधारणा के तहत लागत‑प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करना होगा।

मैथमेटिक्स ऑलिम्पियाड में प्रत्येक स्कूल पाँच छात्रों को नामांकित कर सकता है। छात्रों को एक घंटे में 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे, जिसमें 30 विज्ञान‑संबंधी और 20 गणित‑मानसिक क्षमता के प्रश्न शामिल हैं। सही उत्तर पर चार अंक और गलत उत्तर पर एक नकारात्मक अंक दिया जाएगा। टाई‑ब्रेक के लिए गणित/मानसिक क्षमता के अंक प्राथमिकता में रखे जाएंगे।

विजेताओं को नकद इनाम, ट्रॉफी और मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे, जबकि सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाणपत्र मिलेगा। इस कार्यक्रम का शीर्षक प्रायोजक Excellent Moodubidire है।

Historical Background

पिछले पाँच वर्षों में द हिंदू ने इसी तरह के स्कूल विज्ञान और गणित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है, जिससे राज्य भर में 10,000 से अधिक छात्रों को लाभ मिला है। इन कार्यक्रमों ने कई युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रेरित किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such inter‑school competitions significantly boost STEM enrollment in Karnataka, narrowing the skill gap and aligning with India’s broader ‘Digital India’ agenda.

"इन प्रतियोगिताओं से छात्रों की रचनात्मक सोच और समस्या‑समाधान क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होता है," कहते हैं शैक्षिक विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह।
Did You Know?: 2025 में इस फेस्ट के विजेता टीम ने अपना प्रोजेक्ट भारत के अंतरिक्ष मिशन में उपयोग किए जाने वाले हल्के‑वज़न सामग्री के विकास में योगदान दिया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या मैं अपने स्कूल से अधिक टीमें पंजीकृत कर सकता हूँ?
उत्तर: प्रत्येक स्कूल अधिकतम छह टीमें (तीन जूनियर, तीन सीनियर) ही पंजीकृत कर सकता है।

प्रश्न 2: अगर मैं मंड्या में रहता हूँ तो क्या मैं मैसूर के फेस्ट में भाग ले सकता हूँ?
उत्तर: नहीं, मंड्या का फेस्ट केवल मंड्या जिले के छात्रों के लिए और मैसूर का फेस्ट केवल मैसूर जिले के छात्रों के लिए है।