डॉ. पी.एस. शंकर प्रतिष्ठान ने कर्नाटक के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर एमबीबीएस छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति कार्यक्रम की घोषणा की है। पात्र छात्र 12 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

  • 2026-31 बैच के एमबीबीएस छात्रों के लिए छात्रवृत्ति उपलब्ध।
  • चयनित छात्रों को 54 महीनों तक ₹1,500 का मासिक वजीफा मिलेगा।
  • ग्रामीण और कन्नड़ माध्यम के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर, 2026 है।

शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर, कलबुर्गी स्थित डॉ. पी.एस. शंकर प्रतिष्ठान ने शैक्षणिक वर्ष 2026-31 बैच के लिए अपनी प्रतिष्ठित मेडिकल छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कर्नाटक भर के उन मेधावी एमबीबीएस छात्रों की सहायता करना है जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं।

प्रतिष्ठान के मानद सचिव नरेंद्र बादशेशी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह छात्रवृत्ति उन छात्रों के लिए है जिन्होंने अप्रैल-मई 2026 में अपनी 2nd PU परीक्षा उत्तीर्ण की है और अगस्त या सितंबर 2026 में एलोपैथिक मेडिकल विज्ञान के प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है। यह योजना किसी भी समुदाय के छात्रों के लिए खुली है, जो योग्यता के आधार पर लाभ उठा सकते हैं।

छात्रवृत्ति का विवरण और लाभ

चयनित उम्मीदवारों को उनके साढ़े चार साल (54 महीने) के एमबीबीएस कार्यक्रम के दौरान प्रति माह ₹1,500 का वजीफा दिया जाएगा। इस प्रकार, प्रत्येक छात्र को पूरे पाठ्यक्रम के दौरान कुल ₹81,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। चयन प्रक्रिया में उन छात्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा ग्रामीण क्षेत्रों से और कन्नड़ माध्यम में पूरी की है।

शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार का वित्तीय सहयोग ग्रामीण प्रतिभाओं को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने का समान अवसर प्रदान करता है।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक छात्र फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट www.psshankarpratistan.in से आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है:

  • परिवार की आर्थिक स्थिति का विवरण देते हुए एक पृष्ठ का हस्तलिखित विवरण।
  • 2nd PU और NEET मार्कशीट की स्व-सत्यापित छायाप्रतियां।

सभी आवेदन 12 अक्टूबर, 2026 तक प्रतिष्ठान के कार्यालय में पहुंच जाने चाहिए। आवेदन सीधे सचिव के कार्यालय को डाक द्वारा भेजे जा सकते हैं या संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चिकित्सा शिक्षा की बढ़ती लागत के कारण कई मेधावी छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। डॉ. पी.एस. शंकर प्रतिष्ठान जैसी संस्थाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली यह सहायता न केवल छात्रों का बोझ कम करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले डॉक्टरों की संख्या बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में भी मदद करती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

डॉ. पी.एस. शंकर प्रतिष्ठान लंबे समय से कर्नाटक में सामाजिक कल्याण और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहा है। संस्था का मुख्य ध्यान समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को सशक्त बनाने पर रहा है, विशेषकर चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से।

Did You Know?: भारत में चिकित्सा की पढ़ाई का खर्च अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे छात्रवृत्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या छात्रवृत्ति के लिए कोई जाति बंधन है?
उत्तर: नहीं, यह छात्रवृत्ति किसी भी समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों के लिए उपलब्ध है।

प्रश्न 2: आवेदन कहाँ भेजना है?
उत्तर: आवेदन नरेंद्र बादशेशी, मानद सचिव, डॉ. पी.एस. शंकर प्रतिष्ठान, एच. नं. 1-11-21-E, खुबा प्लॉट, कलबुर्गी - 585102 को डाक द्वारा भेजें।