IIT हैदराबाद और बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित साइबरशील्ड हैकथॉन में IIIT बेंगलुरु के एम.टेक छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल किया। लगभग 3,000 टीमों के बीच इस जीत ने संस्थान का गौरव बढ़ाया है।

  • IIIT बेंगलुरु के छात्रों ने साइबरशील्ड हैकथॉन में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
  • प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹5 लाख और द्वितीय के लिए ₹3 लाख की राशि जीती।
  • प्रतियोगिता में भारत भर के विश्वविद्यालयों से लगभग 3,000 टीमों ने भाग लिया।
  • छात्रों ने जेनरेटिव AI और ML का उपयोग करके साइबर सुरक्षा समाधान विकसित किए।

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), बेंगलुरु के एम.टेक छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की 'साइबरशील्ड हैकथॉन' में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। IIT हैदराबाद और बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में, IIIT बेंगलुरु की टीम ने न केवल प्रथम स्थान प्राप्त किया, बल्कि दूसरे स्थान पर भी कब्जा जमाया। यह उपलब्धि तकनीकी नवाचार और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में संस्थान की बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाती है।

इस प्रतियोगिता में चंद्रहास रेड्डी, सार्थक माहेश्वरी, हर्ष मोहता और अरिस्मिता मुखर्जी की टीम ने अपने एक प्रोजेक्ट के लिए प्रथम पुरस्कार जीता, जिसके लिए उन्हें ₹5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही, टीम ने अपने दूसरे प्रोजेक्ट के लिए द्वितीय स्थान हासिल कर ₹3 लाख की राशि भी अपने नाम की।

तकनीकी नवाचार और समाधान

हैकथॉन का मुख्य उद्देश्य उभरती हुई साइबर सुरक्षा और वित्तीय धोखाधड़ी की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक-संचालित समाधान विकसित करना था। छात्रों ने दो प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया: पहला, धोखाधड़ी वाले मोबाइल एप्लिकेशन और मैलवेयर की पहचान करना, और दूसरा, 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) और वित्तीय धोखाधड़ी के बदलते स्वरूपों का पता लगाना।

सार्थक माहेश्वरी ने बताया कि उनकी टीम ने मोबाइल ऐप्स में दुर्भावनापूर्ण व्यवहार की पहचान करने के लिए एक Generative AI-powered समाधान बनाया है। वहीं, अरिस्मिता मुखर्जी ने साझा किया कि टीम ने AI/ML-आधारित एक ऐसा मॉडल विकसित किया है जो बैंकिंग डेटा और मानव विश्लेषण के फीडबैक को मिलाकर वित्तीय धोखाधड़ी के नए पैटर्न को समझने में सक्षम है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जैसे-जैसे डिजिटल लेनदेन बढ़ रहे हैं, वित्तीय संस्थानों के लिए साइबर सुरक्षा सर्वोपरि हो गई है। IIIT बेंगलुरु जैसे संस्थानों द्वारा विकसित किए गए ये AI-आधारित समाधान भविष्य में बैंकिंग क्षेत्र की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। यह सफलता शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बढ़ते सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

Generative AI और मशीन लर्निंग का संगम साइबर अपराधों के खिलाफ हमारी सुरक्षा दीवार को अभेद्य बना सकता है।
Did You Know?: 'म्यूल अकाउंट्स' का उपयोग अक्सर अपराधी अवैध रूप से कमाए गए धन को छिपाने और स्थानांतरित करने के लिए करते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: साइबरशील्ड हैकथॉन का आयोजन किसने किया था?
उत्तर: इस हैकथॉन का आयोजन IIT हैदराबाद द्वारा बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया था।

प्रश्न 2: IIIT बेंगलुरु की टीम ने कुल कितनी पुरस्कार राशि जीती?
उत्तर: टीम ने प्रथम पुरस्कार (₹5 लाख) और द्वितीय पुरस्कार (₹3 लाख) मिलाकर कुल ₹8 लाख जीते।