मिशन गुरु देवो भव द्वारा आयोजित 'विद्या सेवा सम्मान' समारोह में 6 सितंबर को 10 शिक्षकों को उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन चेन्नई के गोपालपुरम में आयोजित होगा।
- 6 सितंबर को गोपालपुरम स्थित DAV गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पुरस्कार समारोह आयोजित होगा।
- मिशन गुरु देवो भव, लायंस क्लब ऑफ मीनाम्बाक्कम और वेद्रितम ग्रुप द्वारा यह पहल की गई है।
- 217 नामांकन में से चयन प्रक्रिया के बाद 10 शिक्षकों को चुना गया है।
- थुगलक के संपादक एस. गुरुमूर्ति मुख्य अतिथि होंगे।
चेन्नई के शिक्षा जगत के लिए 6 सितंबर एक ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है। गोपालपुरम स्थित DAV गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में 10 समर्पित शिक्षकों को प्रतिष्ठित 'विद्या सेवा सम्मान' से नवाजा जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा और शिक्षकों के प्रति समाज के सम्मान का प्रतीक बनेगा।
यह विशेष पहल मिशन गुरु देवो भव द्वारा लायंस क्लब ऑफ मीनाम्बाक्कम और वेद्रितम ग्रुप (पूर्व में DAV ग्रुप, चेन्नई) के सहयोग से शुरू की गई है। इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य उन शिक्षकों को पहचान दिलाना है जो केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अपने छात्रों के जीवन में नैतिक मूल्यों का संचार करते हैं और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करते हैं।
चयन प्रक्रिया और प्रतिष्ठित जूरी
इस सम्मान की गरिमा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत कठोर थी। मिशन गुरु देवो भव के सह-संस्थापक अनिल खिचड़ा ने बताया कि कुल 217 नामांकन प्राप्त हुए थे। सात सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी ने 185 आवेदनों की जांच की, जिससे 20 फाइनलिस्ट चुने गए। अंततः, एक उच्च स्तरीय जूरी ने इन 20 में से सर्वश्रेष्ठ 10 शिक्षकों का चयन किया।
इस प्रतिष्ठित जूरी पैनल में शिक्षाविद् वी. नंदकुमार, IIT-मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व कुलपति डॉ. सुधा शेषैयान और परोपकारी गोपाल अग्रवाल जैसे दिग्गज शामिल थे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मान?
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में केवल शैक्षणिक परिणामों पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन इस तरह के पुरस्कार उन शिक्षकों को मंच प्रदान करते हैं जो चरित्र निर्माण और सामाजिक सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह समाज को यह संदेश देता है कि शिक्षक केवल सूचना देने वाले नहीं, बल्कि जीवन निर्माता हैं।
शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, वे समाज की नींव रखते हैं।
सम्मानित होने वाले शिक्षक
इस वर्ष के गौरवशाली विजेता निम्नलिखित हैं:
- कला रामन (P.S. हायर सेकेंडरी स्कूल, मायलापुर)
- थानुकृष्णन जे. (स्मती दुर्गादेवी चौधरी विवेकानंद विद्यालया)
- शालिका बानू (फातिमा सेंट्रल सीनियर सेकेंडरी स्कूल)
- जी श्रीप्रिया (मोतीलाल फोमरा सनातन धर्म स्कूल)
- जे. आर. लक्ष्मी कांथम (द चिल्ड्रन्स गार्डन हायर सेकेंडरी स्कूल)
- के. रेवती (चेन्नई हायर सेकेंडरी स्कूल, अलवरपेट्टई)
- जानकी जी. (लेडी शिवस्वामी अय्यर गर्ल्स स्कूल)
- सुजाता मुकुंदन (श्री नटेशन विद्यासाला)
- सीमा मदन (कोला सरस्वती वैष्णव स्कूल)
- आर. सुब्रमण्यन (गवर्नमेंट मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, नंदनम)
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: विद्या सेवा सम्मान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मानित करना है जो कक्षा से परे जाकर छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
प्रश्न 2: इस समारोह के मुख्य अतिथि कौन हैं?
उत्तर: थुगलक के संपादक और प्रसिद्ध स्तंभकार एस. गुरुमूर्ति मुख्य अतिथि होंगे।