श्रीरंगम स्थित ट्रॉपिकल बटरफ्लाई कंजर्वेटरी में 'बटरफ्लाई मंथ' के अवसर पर स्कूली छात्रों के लिए विशेष शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
- सितंबर महीने को 'बटरफ्लाई मंथ' के रूप में मनाया जा रहा है।
- छात्रों ने तितलियों की प्रजातियों, उनके आवास और जीवन चक्र के बारे में सीखा।
- कार्यक्रम के अंत में ब्रीडिंग लैब से पाली गई तितलियों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया।
तमिलनाडु के श्रीरंगम स्थित ट्रॉपिकल बटरफ्लाई कंजर्वेटरी में सितंबर के महीने को 'बटरफ्लाई मंथ' के रूप में मनाया जा रहा है। इस पहल के तहत, आगंतुकों और विशेष रूप से स्कूली छात्रों के लिए विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों का संचालन वन संरक्षक आर. कंचना और जिला वन अधिकारी एस. कृतिगा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को जैव विविधता के महत्व से अवगत कराना है।
हाल ही में, विग्नेश श्री रेंगा मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के 100 से अधिक छात्रों ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया। छात्रों के लिए आयोजित 'बटरफ्लाई वॉक' के दौरान उन्हें कंजर्वेटरी में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों से परिचित कराया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें सिखाया कि कैसे रंगों, पंखों की संरचना और विशिष्ट निशानों के आधार पर तितलियों की पहचान की जा सकती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that integrating nature-based learning into school curricula is critical for combating the global decline in pollinator populations. By teaching students about host plants like Calotropis and nectar plants like Hibiscus, the conservatory is fostering a grassroots movement for urban reforestation and ecological balance.
कार्यक्रम के दौरान, गैर-सरकारी संगठन 'कुयिली' की संस्थापक कीर्ति ने छात्रों को तितलियों के जीवन चक्र, परागण (pollination), और खाद्य श्रृंखला में उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तितलियाँ पारिस्थितिक संकेतक (ecological indicators) के रूप में कार्य करती हैं, जिससे हमें पर्यावरण के स्वास्थ्य का पता चलता है।
तितलियों का संरक्षण केवल एक प्रजाति को बचाना नहीं है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता सुनिश्चित करना है।
छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए ड्राइंग, क्राफ्ट और क्विज़ प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह था जब प्लेन टाइगर, कॉमन मॉर्मन और ब्लू टाइगर जैसी प्रजातियों को, जिन्हें कंजर्वेटरी की ब्रीडिंग लैब में पाला गया था, छात्रों की मौजूदगी में खुले आसमान में आजाद किया गया।
| पौधों के प्रकार | उदाहरण | कार्य |
|---|---|---|
| होस्ट प्लांट्स (Host Plants) | लेमन, करी पत्ता, कैलोट्रोपिस | अंडे देने और लार्वा के भोजन के लिए |
| नेक्टर प्लांट्स (Nectar Plants) | हिबिस्कस, पेंटास, लैंटाना | वयस्क तितलियों के पोषण के लिए |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: बटरफ्लाई मंथ क्यों मनाया जाता है?
इसका उद्देश्य लोगों, विशेषकर छात्रों को तितलियों के पारिस्थितिक महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में शिक्षित करना है।
प्रश्न 2: छात्रों ने पहचान के लिए किन मानदंडों का उपयोग करना सीखा?
छात्रों ने तितलियों के रंग, पंखों की बनावट और उनके शरीर पर मौजूद विशिष्ट निशानों के आधार पर उनकी पहचान करना सीखा।