पुणे नगर निगम ने 30 मीटर चौड़ी वैकल्पिक मार्ग के निर्माण के लिये 14,630 वर्ग मीटर की भूमि को 30.83 करोड़ रुपये में अधिग्रहित करने की योजना को मंजूरी दी। यह कदम लोहेगांव एयरपोर्ट के विस्तार और आईएएफ बेस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- PMC ने 14,630.76 वर्ग मीटर भूमि को 30.83 करोड़ रुपये में अधिग्रहित करने का फैसला किया।
- नयी 30 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण लोहेगांव हवाई अड्डे के विस्तार को सुगम बनाएगा।
- पहले प्रस्तावित TDR विकल्प विफल होने के बाद, नई अधिग्रहण विधि अपनाई गई।
पुणे नगर निगम (PMC) की स्थायी समिति ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृत किया, जिसमें 14,629.76 वर्ग मीटर भूमि को 30.83 करोड़ रुपये में अधिग्रहित कर 30 मीटर चौड़ी वैकल्पिक सड़क का निर्माण करने का निर्णय शामिल है। यह कदम लोहेगांव एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण को तेज़ करने के लिए आवश्यक माना गया है, जो एक ही समय में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) का एक प्रमुख बेस भी है।
वर्तमान स्थिति और आवश्यकता
वर्तमान में 509 चौक से हवाई अड्डे के मुख्य प्रवेश द्वार तक जाने वाला 12 मीटर चौड़ा एक्सेस रोड रक्षा क्षेत्र की सीमा के भीतर स्थित है। एयरपोर्ट के विस्तार के बाद इस मार्ग को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात और आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा उत्पन्न होगी। इसलिए, एक नई वैकल्पिक मार्ग का निर्माण अनिवार्य हो गया, ताकि नागरिक एवं रक्षा दोनों की आवश्यकताएँ पूरी हो सकें।
पहले प्रस्ताव और TDR की विफलता
PMC ने पहले भूमि मालिकों से ट्रांसफ़रेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) व अन्य विकल्पों के माध्यम से जमीन प्रदान करने का अनुरोध किया था। लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रियाएँ न मिलने के कारण, इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया गया। इस परिप्रेक्ष्य में, नगरपालिका ने नई भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत नकद मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण करने का निर्णय लिया।
वित्तीय और प्रशासनिक पहलू
सभी आवश्यक अनुमोदन पहले ही प्राप्त हो चुके हैं। राज्य सरकार ने विकास योजना में आवश्यक संशोधन करके इस परियोजना को अंतिम रूप दिया था, जबकि PMC के जनसमिति ने 18 फरवरी को इस 30 मीटर चौड़ी सड़क की डिजाइन को मंजूरी दे दी थी। प्रस्तावित राशि 30.83 करोड़ रुपये, स्थानीय आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
स्थानीय समुदाय पर प्रभाव
नई सड़क का निर्माण न केवल हवाई अड्डे के विस्तार को सुगम बनाएगा, बल्कि पड़ोसियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और व्यापारिक अवसर भी लाएगा। हालांकि, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित मालिकों को उचित मुआवजा मिलने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी सामाजिक असंतोष को रोका जा सके।
समग्र रूप से, यह कदम पुणे के शहरी बुनियादी ढांचे को अधिक लचीला और भविष्य-प्रूफ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो रक्षा आवश्यकताओं और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित करता है।