सस्टेनेबल राइस प्लेटफॉर्म Rize ने अपने सीरीज बी फंडिंग राउंड में 31 मिलियन डॉलर (करीब 259 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। बेंगलुरु के उद्यमी ध्रुव साहनी द्वारा सह-स्थापित यह प्लेटफॉर्म वियतनाम और इंडोनेशिया में धान की खेती से होने वाले मीथेन उत्सर्जन को कम करने के लिए काम कर रहा है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सस्टेनेबल राइस प्लेटफॉर्म Rize ने सीरीज बी फंडिंग में $31 मिलियन जुटाए हैं, जिससे इसकी कुल फंडिंग $47 मिलियन हो गई है।
  • धान की खेती वैश्विक मीथेन उत्सर्जन के 12% हिस्से के लिए जिम्मेदार है, जो पूरे विमानन (aviation) उद्योग के बराबर है।
  • Rize की अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग (AWD) तकनीक मीथेन उत्सर्जन को 50% और पानी की खपत को 30% तक कम करती है।
  • इस फंडिंग का उपयोग वियतनाम, इंडोनेशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में परिचालन के विस्तार और किसानों के लिए एआई-संचालित उपकरण विकसित करने में किया जाएगा।

वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि क्षेत्र में बड़े बदलावों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी दिशा में काम कर रहे सस्टेनेबल राइस प्लेटफॉर्म Rize ने अपने सीरीज बी फंडिंग राउंड को सफलतापूर्वक बंद करने की घोषणा की है। कंपनी ने कुल $31 मिलियन जुटाए हैं, जिसमें $20 मिलियन इक्विटी और $11 मिलियन का ऋण (debt) शामिल है। इस निवेश दौर का नेतृत्व BNP Paribas Asset Management Alts ने किया, जिसमें The Rockefeller Foundation, Temasek और Breakthrough Energy Ventures जैसे दिग्गज वैश्विक निवेशकों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज की।

धान की खेती और जलवायु संकट

शायद बहुत कम लोग जानते हैं कि दुनिया भर में धान की पारंपरिक खेती पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल मीथेन उत्सर्जन का लगभग 12% हिस्सा अकेले धान के खेतों से आता है। यह कार्बन फुटप्रिंट दुनिया के पूरे विमानन (aviation) उद्योग के संयुक्त उत्सर्जन के बराबर है। चूंकि धान के खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहता है, इसलिए वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण मीथेन पैदा करने वाले बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। Rize इसी गंभीर पर्यावरणीय संकट का समाधान पेश कर रहा है।

अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग (AWD) तकनीक का जादू

बेंगलुरु के उद्यमी ध्रुव साहनी द्वारा सह-स्थापित Rize ने इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए 'अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग' (AWD) तकनीक को अपनाया है। इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI) द्वारा प्रमाणित यह सिंचाई पद्धति धान के खेतों को लगातार जलमग्न रखने के बजाय समय-समय पर सुखाने की अनुमति देती है। इससे मीथेन उत्सर्जन में 50% तक की भारी कमी आती है और पानी की खपत भी 20 से 30% तक कम हो जाती है। सबसे खास बात यह है कि इससे फसल की पैदावार प्रभावित नहीं होती, बल्कि किसानों की आय में 30% तक की बढ़ोतरी देखी गई है।

भविष्य की योजनाएं और एआई का एकीकरण

वर्तमान में Rize वियतनाम और इंडोनेशिया में 50,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 17,000 से अधिक छोटे किसानों के साथ काम कर रहा है। इस नए फंड का उपयोग कंपनी अपने निर्यात परिचालन को बढ़ाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कृषि उपकरणों को विकसित करने और कार्बन क्रेडिट पहलों को मजबूत करने के लिए करेगी। Rize के सीईओ ध्रुव साहनी ने कहा, "यह केवल एक फंडिंग मील का पत्थर नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि हम छोटे किसानों के लिए एक अधिक लचीली, टिकाऊ और जुड़ी हुई खाद्य प्रणाली बनाने के लिए तैयार हैं।"