त्रिचूची नगर निगम के अरियामंगलम डंपयार्ड में बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट का तीसरा चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे शहर के सबसे बड़े कचरा स्थल को साफ करने में मदद मिलेगी।

मुख्य बातें

  • प्रोजेक्ट के तीसरे चरण में ₹44.01 करोड़ की लागत से 6.17 लाख टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है।
  • स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार वित्तीय सहायता प्रदान कर रही हैं।
  • अब तक 1.30 लाख टन कचरा संसाधित किया जा चुका है और रिफ्यूज-डेराइव्ड फ्यूल (RDF) को सीमेंट कारखानों में भेजा जा रहा है।

त्रिचूची के अरियामंगलम डंपयार्ड में चल रहे बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट के तीसरे चरण ने रफ्तार पकड़ ली है। नगर निगम को उम्मीद है कि यह कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) के विशेषज्ञों के अध्ययन के अनुसार, इस डंपयार्ड में सतह के नीचे दबे कचरे सहित लगभग 7.7 लाख क्यूबिक मीटर कचरा मौजूद है।

परियोजना का वित्तीय ढांचा

यह महत्वाकांक्षी परियोजना स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0 के तहत कार्यान्वित की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार से ₹11.21 करोड़, राज्य सरकार से ₹7.47 करोड़ और नगर निगम के सामान्य कोष से ₹25.33 करोड़ का योगदान दिया जा रहा है। इस चरण का कुल अनुमानित बजट ₹44.01 करोड़ है।

बोज़ोकमीडिया विश्लेषण (BozokMedia analysis)

बोज़ोकमीडिया विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना केवल कचरा प्रबंधन के बारे में नहीं है, बल्कि यह भूमि पुनरुद्धार का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। पहले दो चरणों में लगभग 40 एकड़ भूमि को पुनर्जीवित किया जा चुका है, जो शहरी नियोजन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

कचरे से ऊर्जा (RDF) बनाना जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

प्रोजेक्ट के तहत अब तक 1.30 लाख टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा चुका है। इस प्रक्रिया से निकलने वाले Refuse-Derived Fuel (RDF) को सीमेंट कारखानों में भेजा जा रहा है, जहाँ इसका उपयोग कोयले के विकल्प के रूप में किया जाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अरियामंगलम डंपयार्ड का सुधार एक लंबी प्रक्रिया है। चरण I (जनवरी 2019) में ₹49 करोड़ की लागत से 7.6 लाख क्यूबिक मीटर कचरा साफ किया गया था। इसके बाद चरण II (स्मार्ट सिटी मिशन) के तहत ₹25 करोड़ खर्च करके 3.3 लाख क्यूबिक मीटर कचरा हटाया गया।

क्या आप जानते हैं?: इस प्रोजेक्ट के माध्यम से अब तक लगभग 1.95 लाख मीट्रिक टन RDF सीमेंट निर्माण इकाइयों को भेजा जा चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य डंपयार्ड में जमा पुराने कचरे (Legacy Waste) को संसाधित करना और भूमि को पुन: उपयोग योग्य बनाना है।

2. क्या कचरे का उपयोग कहीं और किया जा रहा है?
हाँ, संसाधित कचरे से प्राप्त RDF का उपयोग सीमेंट कारखानों में ईंधन के रूप में किया जा रहा है।