केरल वन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित CEC को सूचित किया है कि प्लांटेशन कॉरपोरेशन ऑफ केरल (PCK) द्वारा 3,900 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि पर कब्जा करना अवैध है। अनाधिकृत अनानास की खेती से वन्यजीव गलियारों और पारिस्थितिकी को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
मुख्य बिंदु
- प्लांटेशन कॉरपोरेशन ऑफ केरल (PCK) 3,900 हेक्टेयर से अधिक लीज-समाप्त वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए है।
- निजी पार्टियों को अनानास की खेती के लिए भूमि आवंटित करने से वन्यजीवों के आवागमन और पारिस्थितिकी को नुकसान हो रहा है।
- CEC ने वन विभाग से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
केरल के जंगलों में पारिस्थितिक संकट गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) के समक्ष केरल वन विभाग ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्लांटेशन कॉरपोरेशन ऑफ केरल लिमिटेड (PCK) द्वारा 3,900 हेक्टेयर से अधिक आरक्षित वन (Reserved Forest) भूमि पर किया जा रहा कब्जा पूरी तरह से 'अवैध' है, क्योंकि इस भूमि की लीज की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है।
अनानास की खेती और वन्यजीव संकट
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब यह पता चला कि PCK ने इस भूमि के कुछ हिस्सों को निजी पार्टियों को अनानास की खेती के लिए लीज या लाइसेंस पर दे दिया है। वन विभाग के अनुसार, इस व्यावसायिक गतिविधि ने न केवल वन्यजीवों के आवागमन (wildlife movement) को बाधित किया है, बल्कि आवास कनेक्टिविटी, मिट्टी की स्थिरता और जल संसाधनों को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
अनानास की खेती और बाड़ लगाने जैसी गतिविधियों ने हाथियों के गलियारों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हुई है।
BozokMedia विश्लेषण: क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल भूमि विवाद का नहीं है, बल्कि यह राज्य के पारिस्थितिक संतुलन और कानून के शासन से जुड़ा है। यदि लीज समाप्त होने के बाद भी सरकारी संस्थाएं वन भूमि का व्यावसायिक उपयोग करती हैं, तो यह भविष्य के लिए एक खतरनाक मिसाल पेश करता है। यह स्थिति हाथियों के प्राकृतिक गलियारों को नष्ट कर रही है, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
विवादित भूमि का इतिहास 1961 और 1966 के बीच जारी विभिन्न सरकारी आदेशों से जुड़ा है। PCK को 50 वर्षों के लिए यह भूमि लीज पर दी गई थी और 9 जुलाई, 1971 को एक लीज डीड निष्पादित की गई थी। अब लीज समाप्त होने के बाद भी भूमि का उपयोग जारी रहना कानूनी और पर्यावरणीय दोनों मोर्चों पर बहस का विषय बन गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. PCK द्वारा किस प्रकार की खेती की जा रही है जिससे समस्या हो रही है?
PCK द्वारा निजी पार्टियों को अनानास की खेती के लिए भूमि आवंटित की गई है, जो वन्यजीवों को आकर्षित करती है और उनके प्राकृतिक मार्ग को रोकती है।
2. CEC ने क्या निर्देश दिए हैं?
CEC ने केरल के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को संबंधित रिकॉर्ड की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।