पर्यावरणीय समूह ANEC ट्रस्ट ने केरल के पेरिया‑पाकरणथल हाथी कॉरिडोर में अनधिकृत खनन और निर्माण को रोकने की मांग की है, क्योंकि यह एशियाई हाथियों की आवाजाही और मानव‑हाथी टकराव को बढ़ा रहा है।
मुख्य बिंदु
- पेरिया‑पाकरणथल कॉरिडोर में अनधिकृत खुदाई और निर्माण जारी
- कॉरिडोर की प्रभावी चौड़ाई घट रही, जिससे मार्ग बाधित
- मानव‑हाथी टकराव और फसल क्षति के जोखिम में वृद्धि
पर्यावरणीय समूह एनीमल एंड नेचर एथिक्स कम्युनिटी ट्रस्ट (ANEC ट्रस्ट) ने केरल के वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को एक प्रतिनिधित्व प्रस्तुत किया है, जिसमें पेरिया‑पाकरणथल हाथी कॉरिडोर की तुरंत सुरक्षा का अनुरोध किया गया है। यह कॉरिडोर वायनाड एलीफेंट रिज़र्व का एक प्रमुख मार्ग है, जो एशियाई हाथियों की मौसमी प्रवास और जनसंख्या के बीच आनुवंशिक आदान‑प्रदान को सुनिश्चित करता है।
ट्रस्ट के संस्थापक टी.एस. संतोष ने कहा, “पेरिया‑पाकरणथल कॉरिडोर एक जीवनरेखा है; यदि यहाँ कोई भी बाधा आती है तो यह न केवल हाथियों के लिए बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी बड़ी समस्या बन जाएगी।” वर्तमान में निजी भूमि मालिक द्वारा बड़े पैमाने पर खुदाई, टेरेफ़ॉर्मिंग और मोबाइल टॉवर निर्माण जैसी गतिविधियाँ जारी हैं, जो प्राकृतिक मार्ग को स्थायी रूप से बदलने की धमकी देती हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: वायनाड एलीफेंट रिज़र्व, भारत के सबसे बड़े हाथी आवासों में से एक, में कई महत्वपूर्ण कॉरिडोर शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले से ही सेगर प्लेटफ़ॉर्म कॉरिडोर को संरक्षित करने के आदेश जारी किए हैं, और यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार का निर्माण इन मार्गों में अनुमति नहीं है। इस precedent के आधार पर, पेरिया‑पाकरणथल कॉरिडोर की सुरक्षा कानूनी रूप से अनिवार्य है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that यदि इस कॉरिडोर को क्षति पहुंची तो न केवल स्थानीय जैव विविधता पर असर पड़ेगा, बल्कि पर्यटन, कृषि और मानव सुरक्षा पर भी दीर्घकालिक आर्थिक नुकसान हो सकता है।
“हाथी मार्ग का संकुचन सीधे तौर पर फसल क्षति और मानव‑हाथी टकराव की घटनाओं को बढ़ाता है,” कहते हैं वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पेरिया‑पाकरणथल कॉरिडोर में अभी कौन-कौन से निर्माण कार्य चल रहे हैं?
उत्तर: निजी भूमि मालिक द्वारा टेरेफ़ॉर्मिंग, मोबाइल टॉवर की स्थापना, और सड़क विस्तार कार्य जारी हैं, जिनकी वैधता अभी जांच के अधीन है।
प्रश्न 2: वन विभाग ने अब तक इन गतिविधियों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर: विभाग ने पहले ही केरल ट्री ग्रोथ एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया है और अनधिकृत वृक्ष कटाई के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।