पुडुचेरी में आयोजित पहले ऐतिहासिक सर्वेक्षण में पतंगों (moths) की 118 विभिन्न प्रजातियों को रिकॉर्ड किया गया है। यह खोज क्षेत्र की जैव विविधता और पारिस्थितिक स्वास्थ्य को समझने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्य बातें

  • पुडुचेरी में पहली बार पतंगों (moths) का व्यापक दस्तावेजीकरण किया गया।
  • सर्वेक्षण के दौरान 118 अलग-अलग प्रजातियों की पहचान की गई।
  • यह कार्यक्रम 'नेशनल मॉथ वीक' के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था।
  • अरोवनम क्षेत्र की जैव विविधता को समझने में यह डेटा बेहद महत्वपूर्ण है।

पुडुचेरी के जैव विविधता हॉटस्पॉट, अरोवनम में आयोजित एक ऐतिहासिक सर्वेक्षण में पतंगों (moths) की 118 प्रजातियों को दर्ज किया गया है। यह पुडुचेरी में पतंगों का पहला औपचारिक दस्तावेजीकरण है, जो क्षेत्र की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को उजागर करता है।

यह सर्वेक्षण 23 से 26 जुलाई तक स्वर्णिम, श्री अरबिंदो सोसाइटी द्वारा आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम 'नेशनल मॉथ वीक' का हिस्सा था, जो दुनिया भर में नागरिक-विज्ञान (citizen-science) पहल के रूप में मनाया जाता है। इसमें पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय और पुडुचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के छात्रों सहित 22 शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों ने भाग लिया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पतंगों का अध्ययन केवल कीटों की गिनती नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण की सेहत का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। अक्सर तितलियों की चमक में दबकर रह जाने वाली ये पतंगे परागण (pollination) में बड़ी भूमिका निभाती हैं और पक्षियों व चमगादड़ों जैसे जीवों के लिए भोजन का मुख्य स्रोत हैं।

पतंगें, हालांकि अक्सर तितलियों की तुलना में कम ध्यान आकर्षित करती हैं, लेकिन वे पारिस्थितिक तंत्र में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं।

सर्वेक्षण के दौरान 'लाइट-ट्रैपिंग' तकनीक का उपयोग किया गया, जिसमें कीटों को आकर्षित करने के लिए विशेष रोशनी और सफेद पर्दों का उपयोग किया गया। प्रतिभागियों ने किसी भी जीव को नुकसान पहुँचाए बिना केवल फोटोग्राफी और डिजिटल ऐप्स के माध्यम से प्रजातियों की पहचान की।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पुडुचेरी का पारिस्थितिकी तंत्र हमेशा से विविध रहा है, लेकिन रात में सक्रिय रहने वाले जीवों (nocturnal insects) का डेटा बहुत कम उपलब्ध था। अरोवनम जैसे क्षेत्रों में किए गए ऐसे सर्वेक्षण भविष्य के पारिस्थितिक निगरानी और संरक्षण प्रयासों के लिए आधारभूत डेटा प्रदान करते हैं।

क्या आप जानते हैं?: पतंगें न केवल पौधों का परागण करती हैं, बल्कि वे वनस्पति संरचना को आकार देने वाले शाकाहारी जीवों के रूप में भी काम करती हैं।

अरोवनम जैव विविधता गणना

जीव का प्रकारदर्ज प्रजातियों की संख्या
पतंगें (Moths)118
तितलियाँ और ड्रैगनफ्लाई96
पक्षी43
मकड़ियाँ29

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: यह सर्वेक्षण क्यों किया गया था?
उत्तर: इसका उद्देश्य पतंगों की विविधता का दस्तावेजीकरण करना और उनके पारिस्थितिक महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।

प्रश्न 2: सर्वेक्षण में कौन सी तकनीक अपनाई गई?
उत्तर: कीटों को आकर्षित करने के लिए लाइट-ट्रैपिंग (Light-trapping) तकनीक का उपयोग किया गया था।