लद्दाख में ब्लैक-नेक्ड क्रेन और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) ने 2,950 से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी की है। यह पहल पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए की गई है।
मुख्य बातें
- लद्दाख में ब्लैक-नेक्ड क्रेन के संरक्षण के लिए 2,950+ कुत्तों की नसबंदी की गई।
- BNHS, भारतीय सेना और स्थानीय विभागों ने मिलकर यह अभियान चलाया।
- आवारा कुत्तों द्वारा क्रेन के चूजों को शिकार किए जाने की समस्या को रोकने का लक्ष्य।
- अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने की योजना।
लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) ने भारतीय सेना, पशुपालन विभाग और वन विभाग के साथ मिलकर 2,950 से अधिक मुक्त रूप से घूमने वाले कुत्तों (FRDs) की नसबंदी की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य लद्दाख के सांस्कृतिक प्रतीक और राजकीय पक्षी, ब्लैक-नेक्ड क्रेन (BNC) की रक्षा करना है।
संकट में ब्लैक-नेक्ड क्रेन
ब्लैक-नेक्ड क्रेन वैश्विक स्तर पर 'असुरक्षित' (Vulnerable) श्रेणी में आती है। हालांकि दुनिया भर में इनकी आबादी लगभग 11,000-12,000 है, लेकिन भारत में इनकी संख्या 100 से भी कम रह गई है। विशेषज्ञों ने पाया कि आवारा कुत्ते इन क्रेन के चूजों को मार रहे हैं और उन्हें सुरक्षित प्रजनन स्थलों पर बसने से रोक रहे हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि लद्दाख जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खाद्य श्रृंखला का संतुलन बिगड़ना पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा है। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या न केवल क्रेन के लिए बल्कि स्थानीय वन्यजीवों के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है।
लद्दाख में क्रेन के प्रजनन स्थलों को सुरक्षित करना केवल एक पक्षी को बचाना नहीं, बल्कि पूरे हिमालयी आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र को बचाना है।
इस अभियान में केवल नसबंदी ही नहीं, बल्कि एक पायलट कचरा प्रबंधन परियोजना भी शामिल है। भारतीय सेना के चौकियों पर खाद्य अपशिष्ट के बेहतर निपटान के माध्यम से कुत्तों को भोजन की उपलब्धता कम करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनकी आबादी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित हो सके।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ब्लैक-नेक्ड क्रेन का लद्दाख की संस्कृति और पहचान के साथ गहरा संबंध है। पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन और मानवीय हस्तक्षेप के कारण इनके आवासों में गिरावट आई है, जिससे इनकी संख्या में निरंतर कमी देखी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ब्लैक-नेक्ड क्रेन को खतरा क्यों है?
मुख्य खतरों में आवारा कुत्तों द्वारा शिकार, आवास का विनाश और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं।
2. इस अभियान में कौन शामिल है?
इसमें BNHS, भारतीय सेना, पशुपालन विभाग और वन एवं पर्यावरण विभाग शामिल हैं।