उत्तरी ओडिशा में भारी बारिश के कारण आई विनाशकारी बाढ़ ने लगभग 8 लाख लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्थिति का जायजा लिया है, जबकि IMD ने और बारिश की चेतावनी दी है।
- जाजपुर, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, केंद्रपड़ा और क्योंझर सहित 6 जिलों में 7.85 लाख लोग प्रभावित।
- ओडिशा में औसत से 28% अधिक बारिश (972.9 मिमी) दर्ज की गई।
- बुरुबलांग, बैतरणी और सुवर्णरेखा नदी प्रणालियों में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर।
- परिवहन ठप होने के कारण स्कूलों और विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को स्थगित किया गया।
उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति सोमवार, 17 अगस्त 2026 को और अधिक गंभीर हो गई। तीन प्रमुख नदी प्रणालियों में अत्यधिक बारिश के कारण छह जिलों में लगभग 7.85 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, औसत क्षेत्रीय वर्षा (AAP) में भारी वृद्धि देखी गई है। बुरुबलांग नदी बेसिन में AAP 77.6 मिमी, बैतरणी नदी बेसिन में 47.9 मिमी और सुवर्णरेखा नदी बेसिन में 36 मिमी दर्ज किया गया। पानी के इस भारी दबाव ने कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों को जलमग्न कर दिया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक मौसमी बदलाव नहीं है, बल्कि पूर्वी भारत में तीव्र होते मानसून पैटर्न का संकेत है। जून 1 से 17 अगस्त के बीच औसत 760 मिमी के मुकाबले 972.9 मिमी बारिश (28% अधिक) यह दर्शाती है कि राज्य को अब चरम मौसम की घटनाओं के लिए नई बुनियादी ढांचागत तैयारी की आवश्यकता है।
संकट की गंभीरता को देखते हुए, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के साथ जाजपुर जिले का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंच सके।
तीन अलग-अलग नदी बेसिनों में एक साथ उच्च वर्षा का होना 'कंपाउंड फ्लड' की स्थिति पैदा करता है, जिससे पारंपरिक जल निकासी प्रणालियां विफल हो जाती हैं।
इस आपदा का असर शिक्षा क्षेत्र पर भी पड़ा है। बालासोर, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण उत्कल विश्वविद्यालय ने सोमवार को होने वाली स्नातक सेमेस्टर परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।
| नदी बेसिन | औसत क्षेत्रीय वर्षा (AAP) | प्रभाव का स्तर |
|---|---|---|
| बुरुबलांग | 77.6 मिमी | अत्यधिक गंभीर |
| बैतरणी | 47.9 मिमी | उच्च |
| सुवर्णरेखा | 36.0 मिमी | मध्यम-उच्च |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिले कौन से हैं?
सबसे अधिक प्रभावित छह जिले जाजपुर, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, केंद्रपड़ा और क्योंझर हैं।
ओडिशा में औसत से कितनी अधिक बारिश हुई?
राज्य में 972.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 1 जून से 17 अगस्त की औसत बारिश (760 मिमी) से 28% अधिक है।