जम्मू में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें शहीदी चौक पर एक पुराना घर ढह गया और शहर के कई हिस्सों में भीषण जलभराव देखा गया।
- जम्मू के शहीदी चौक में एक पुराना आवासीय घर ढह गया, जिससे संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।
- तल्लब टिल्लो, भगवती नगर और कृष्णा नगर जैसे इलाकों में जलभराव के कारण घरों और दुकानों में पानी घुस गया।
- जम्मू-किश्तवार राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हुआ, जिससे यातायात ठप हो गया।
- जम्मू में पिछले 24 घंटों में 66 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक है।
जम्मू में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। भारी बारिश के कारण शहीदी चौक इलाके में एक पुराना और जर्जर मकान अचानक ढह गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, क्योंकि मकान के मालिक राजनी सालोत्रा पहले ही दरारें दिखने के कारण किराए के घर में शिफ्ट हो चुके थे। हालांकि, मलबे में घर का सारा कीमती सामान दब गया है।
स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह इलाका घनी आबादी वाला है और यदि यह हादसा किसी व्यस्त समय पर होता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने शहर के असुरक्षित और परित्यक्त घरों का तुरंत सर्वेक्षण किया जाए ताकि मानसून के दौरान ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि जम्मू जैसे ऐतिहासिक शहरों में पुराने बुनियादी ढांचे और आधुनिक शहरीकरण के बीच का असंतुलन मानसून के दौरान जानलेवा साबित हो रहा है। जल निकासी व्यवस्था (drainage system) की विफलता और जर्जर इमारतों का प्रबंधन न केवल संपत्ति का नुकसान कर रहा है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन गया है।
पुराने और असुरक्षित घरों का समय पर सर्वेक्षण और मरम्मत न करना मानसून के दौरान बड़े हादसों को खुला निमंत्रण देना है।
बारिश का असर केवल इमारतों तक सीमित नहीं रहा। तल्लब टिल्लो, भगवती नगर, कृष्णा नगर और कैनाल रोड जैसे प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव देखा गया। सड़कों पर पानी भरने से दुकानों और घरों के भीतर पानी घुस गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही, जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग और जम्मू-किश्तवार राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
Rainfall Comparison by Region (Last 24 Hours)
| क्षेत्र (Region) | बारिश (mm) |
|---|---|
| जम्मू (Jammu) | 66 mm |
| उधमपुर (Udhampur) | 56 mm |
| पुंछ (Poonch) | 45 mm |
| कोकेरनाग (Kokernag) | 42 mm |
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है। 24 से 28 अगस्त के बीच मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, लेकिन गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 29 से 31 अगस्त के बीच जम्मू संभाग में तीव्र बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे अचानक बाढ़ (flash floods) और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जम्मू में सबसे अधिक बारिश कहाँ हुई?
उत्तर: पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू शहर में सबसे अधिक 66 मिमी बारिश दर्ज की गई।
प्रश्न 2: क्या यातायात पूरी तरह ठप हो गया है?
उत्तर: जम्मू-किश्तवार राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हुआ है, जबकि अन्य मार्गों पर जलभराव के कारण देरी हो रही है।