केरल के मुन्नार वन्यजीव प्रभाग में 3 से 6 सितंबर तक उभयचरों और सरीसृपों का एक गहन वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसमें कई राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों को कवर किया जाएगा।

  • मुन्नार वन्यजीव प्रभाग के 4 राष्ट्रीय उद्यानों और 1 अभयारण्य में सर्वेक्षण होगा।
  • 60 विशेषज्ञ और 60 वन विभाग के कर्मचारी इस अभियान का हिस्सा होंगे।
  • मुख्य उद्देश्य प्रजातियों की प्रचुरता का अनुमान लगाना और आवास परिवर्तनों का आकलन करना है।

केरल के इडुक्की जिले में स्थित मुन्नार वन्यजीव प्रभाग के संरक्षित क्षेत्रों में गुरुवार से रविवार (3 से 6 सितंबर) तक उभयचरों और सरीसृपों का एक व्यापक सर्वेक्षण आयोजित किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण अभियान इराविकुलम, अनामुडी शोला, पम्बडम शोला, और मथिकेट्टन शोला राष्ट्रीय उद्यानों के साथ-साथ कुरिंजिमला अभयारण्य में चलाया जाएगा।

इस चार दिवसीय वैज्ञानिक मिशन में लगभग 60 विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों की एक टीम शामिल होगी, जिन्हें वन विभाग के समान संख्या में कर्मचारी सहयोग करेंगे। यह सर्वेक्षण मुन्नार वन्यजीव प्रभाग और आरण्यकम नेचर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और डेटा

वर्ष 2022 में किए गए पिछले सर्वेक्षण के दौरान, मुन्नार वन्यजीव प्रभाग में उभयचरों की 52 प्रजातियों और सरीसृपों की 47 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया था। हालांकि, वन्यजीव वार्डन के. वी. हरिकृष्णन के अनुसार, 2022 का सर्वेक्षण मुख्य रूप से केवल प्रजातियों की पहचान तक सीमित था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह सर्वेक्षण केवल गणना के बारे में नहीं है, बल्कि पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य का संकेतक है। उभयचर और सरीसृप पर्यावरण परिवर्तन के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं। इस बार का लक्ष्य प्रजातियों की प्रचुरता का अनुमान लगाना, वितरण सीमाओं का मानचित्रण करना और उन प्रजातियों की पहचान करना है जो पहले कभी दर्ज नहीं की गई थीं। विशेष रूप से 'स्काई आइलैंड्स' (shola-grassland ecosystems) का अध्ययन वैश्विक जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है।

"यह संस्करण गहरे पारिस्थितिक डेटा को एकत्र करने और आवास परिवर्तनों का आकलन करने पर केंद्रित है, जो संरक्षण रणनीतियों के लिए अनिवार्य है।"

सर्वेक्षण की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए पूरे क्षेत्र को 16 बेस कैंपों में विभाजित किया गया है। अभियान का नेतृत्व वन्यजीव वार्डन के. वी. हरिकृष्णन, सहायक वन्यजीव वार्डन निज़ाम ए. और अनिलकुमार ए., तथा विशेषज्ञ संदीप दास, नितिन दिवाकर और ध्रुवरज एस. कर रहे हैं।

विशेषता 2022 सर्वेक्षण 2026 सर्वेक्षण (वर्तमान)
मुख्य फोकस प्रजातियों की पहचान पारिस्थितिक डेटा और प्रचुरता
उभयचर प्रजातियां 52 दर्ज नया डेटा अपेक्षित
सरीसृप प्रजातियां 47 दर्ज नया डेटा अपेक्षित
क्या आप जानते हैं?: मुन्नार के शोला वन 'स्काई आइलैंड्स' के रूप में जाने जाते हैं क्योंकि ये ऊंचे पहाड़ों पर अलग-थलग पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं, जहाँ कई ऐसी प्रजातियां मिलती हैं जो दुनिया में कहीं और नहीं पाई जातीं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस सर्वेक्षण में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
उत्तर: इसमें इराविकुलम, अनामुडी शोला, पम्बडम शोला, मथिकेट्टन शोला राष्ट्रीय उद्यान और कुरिंजिमला अभयारण्य शामिल हैं।

प्रश्न 2: सर्वेक्षण का नेतृत्व कौन कर रहा है?
उत्तर: इसका नेतृत्व मुन्नार वन्यजीव प्रभाग और आरण्यकम नेचर फाउंडेशन के विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है।