पेरुंदुरै की एक अदालत ने वन विभाग की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें जब्त किए गए 11 विदेशी जानवरों को चिड़ियाघर में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। अदालत ने फार्म मालिक एस.के. केशवनाथन को सख्त शर्तों के साथ इन जानवरों की अंतरिम कस्टडी सौंप दी है, जिनका खुलासा तमिल अभिनेता विक्रम के एक वायरल वीडियो के बाद हुआ था।
- पेरुंदुरै अदालत ने फार्म मालिक एस.के. केशवनाथन को 11 विदेशी जानवरों की सशर्त अंतरिम कस्टडी दी है।
- यह मामला तमिल अभिनेता विक्रम के एक लार गिब्बन के साथ वायरल वीडियो के बाद सामने आया था।
- वन विभाग की इन जानवरों को चेन्नई के वंडालूर चिड़ियाघर में स्थानांतरित करने की याचिका को सख्त निगरानी शर्तों के साथ खारिज कर दिया गया।
तमिलनाडु के इरोड जिले के पेरुंदुरै की एक स्थानीय अदालत ने वन विभाग की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें एक फार्महाउस से जब्त किए गए 11 दुर्लभ विदेशी जानवरों को चिड़ियाघर में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट एन. मूर्ति ने फार्म मालिक एस.के. केशवनाथन (53) को इन जानवरों को अपने पास रखने की अंतरिम अनुमति दे दी है, लेकिन इसके लिए बेहद सख्त शर्तें लागू की गई हैं।
जब्त किए गए इन विदेशी जानवरों में दो लार गिब्बन (एक नर और एक मादा), सात सर्वल बिल्लियां (दो वयस्क नर, दो वयस्क मादा और तीन शावक) और दो टफ्टेड कैपुचिन बंदर (एक नर और एक मादा) शामिल हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इन जानवरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी पूरी तरह से फार्म मालिक की होगी और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत द्वारा लगाई गई कड़ी शर्तें
अदालत के आदेश के अनुसार, केशवनाथन को एक मुचलका (श्योरिटी बॉन्ड) जमा करना होगा, जिसमें उन्हें यह वचन देना होगा कि अदालत या उच्च न्यायालय के आदेश पर वे तुरंत इन जानवरों को सौंप देंगे। इसके अलावा, उन्हें इन जानवरों को बेचने, उपहार में देने, स्थानांतरित करने या किसी अन्य व्यक्ति को मालिकाना हक सौंपने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वन विभाग को समय-समय पर फार्महाउस का दौरा करने और जानवरों की संख्या, पहचान, स्वास्थ्य और उनकी स्थिति की जांच करने की पूरी छूट दी गई है। केशवनाथन को हर महीने एक योग्य पशु चिकित्सक से सभी जानवरों की स्वास्थ्य जांच करानी होगी और उसकी विस्तृत रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करनी होगी। यदि किसी जानवर की मृत्यु होती है या कोई नया जन्म होता है, तो इसकी सूचना तुरंत वन अधिकारी को देनी होगी।मामले की पृष्ठभूमि: अभिनेता विक्रम का वीडियो
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें प्रसिद्ध तमिल अभिनेता विक्रम को एक दुर्लभ लार गिब्बन के साथ देखा गया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद वन विभाग हरकत में आया और इरोड के पेरुंदुरै स्थित केशवनाथन के फार्महाउस पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां कई विदेशी प्रजातियां पाई गईं, जिनके स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज मालिक के पास नहीं थे।
इसके बाद, इरोड वन प्रभाग ने केशवनाथन के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया। उन पर विदेशी प्रजातियों के अवैध हस्तांतरण, पंजीकरण में देरी और एक लार गिब्बन की मौत की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद वन विभाग ने इन जानवरों को चेन्नई के अरिग्नार अन्ना जूलॉजिकल पार्क (वंडालूर चिड़ियाघर) भेजने के लिए अदालत का रुख किया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि भारत में अमीर और मशहूर हस्तियों के बीच विदेशी पालतू जानवरों को रखने का बढ़ता चलन कानूनी और नियामक प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अंतरिम कस्टडी देने का यह फैसला वन्यजीव संरक्षण कानूनों की जटिलताओं और विदेशी प्रजातियों के स्वामित्व से जुड़े कानूनी अंतरालों को उजागर करता है।
"अदालत का यह फैसला सख्त शर्तों के साथ मालिक के अधिकारों और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है, लेकिन यह भारत में विदेशी वन्यजीवों के पंजीकरण के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय ढांचे की आवश्यकता को भी दर्शाता है।" - वन्यजीव कानूनी विश्लेषक।
| प्रजाति (Species) | संख्या | मूल निवास स्थान | संरक्षण स्थिति (IUCN) |
|---|---|---|---|
| लार गिब्बन (Lar Gibbon) | 2 (1 नर, 1 मादा) | दक्षिण-पूर्व एशिया | लुप्तप्राय (Endangered) |
| सर्वल बिल्ली (Serval Cat) | 7 (4 वयस्क, 3 शावक) | उप-सहारा अफ्रीका | संकटमुक्त (Least Concern) |
| टफ्टेड कैपुचिन (Tufted Capuchin) | 2 (1 नर, 1 मादा) | दक्षिण अमेरिका | संकटमुक्त (Least Concern) |
Frequently Asked Questions
Q1: वन विभाग इन जानवरों को चिड़ियाघर में क्यों स्थानांतरित करना चाहता था?
A1: वन विभाग का तर्क था कि इन विदेशी जानवरों की सुरक्षा और उनके उचित रखरखाव के लिए उन्हें अरिग्नार अन्ना जूलॉजिकल पार्क (वंडालूर चिड़ियाघर) में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, क्योंकि इनके स्वामित्व के दस्तावेज संदिग्ध थे।
Q2: यदि मालिक अदालत की शर्तों का उल्लंघन करता है तो क्या होगा?
A2: यदि केशवनाथन किसी भी शर्त का उल्लंघन करते हैं या अवैध वन्यजीव व्यापार में उनकी संलिप्तता पाई जाती है, तो वन विभाग को तुरंत इन जानवरों को जब्त कर वंडालूर चिड़ियाघर भेजने का अधिकार होगा।