बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश गौतम अंकड़ ने महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (2025) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले याचिकाओं की सुनवाई से स्वयं को हटाया। यह कदम विभिन्न राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियन की दायर याचिकाओं को प्रभावित करेगा।
मुख्य बिंदु
- न्यायाधीश गौतम अंकड़ ने MSPSA को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से हटे।
- इंडियन नेशनल कांग्रेस, एआईटीयुसी और सीपीआई(एम) ने अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी।
- अधिनियम पर आरोप कि यह मौलिक अधिकारों और अनुच्छेद 21 के तहत उचित प्रक्रिया का उल्लंघन करता है।
बॉम्बे हाई कोर्ट के एक विभाजित पैनल में कार्यरत कार्यवाहि मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायाधीश गौतम अंकड़ ने 10 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम, 2025 (MSPSA) को लेकर दायर कई याचिकाओं की सुनवाई निर्धारित की थी। इन याचिकाओं को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने दायर किया था।
सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र के अधिवक्ता जनरल डॉ. मिलिंद साठे ने याचिकाओं को निराधार कहा, जबकि वरिष्ठ वकील नरोज़ सीरवाई ने अधिनियम को ही संवैधानिक उल्लंघन बताया। न्यायाधीश अंकड़ ने बाद में कहा कि वे इन मामलों की सुनवाई नहीं कर सकते और स्वयं को हट लिया। कोर्ट ने रजिस्ट्री को आदेश दिया कि इन मामलों को किसी भी ऐसे पैनल में नहीं लाया जाए जिसमें न्यायाधीश अंकड़ शामिल हों।
याचिकाकारों का कहना है कि MSPSA के तहत कार्यकारी को अत्यधिक शक्ति दी गई है, जिससे बिना न्यायिक निरीक्षण के संगठनों को प्रतिबंधित किया जा सकता है। वे इस बात पर भी प्रकाश डालते हैं कि ‘अवैध गतिविधि’ और ‘अवैध संगठन’ की परिभाषाएँ बहुत व्यापक हैं, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा का अधिकार खतरे में पड़ता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the recusal underscores growing concerns over judicial impartiality in politically sensitive cases. If the bench is reshuffled, it may delay a decisive ruling on whether MSPSA breaches Articles 14, 19 और 21, impacting civil liberties across Maharashtra.
"अधिनियम का व्यापक दायरा संविधान के मूल सिद्धांतों के साथ टकराव में है, विशेषकर न्यायिक समीक्षा की कमी से," प्रो. अंजली सिंह, संविधान विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या न्यायालय का पुनर्नियुक्ति प्रक्रिया याचिकाओं की सुनवाई को स्थगित कर सकती है?
उत्तर: हाँ, न्यायाधीश के हटने से मामलों को पुनः असाइन करने में समय लग सकता है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
प्रश्न 2: MSPSA के मुख्य विवादित प्रावधान कौन से हैं?
उत्तर: प्रमुख विवादित प्रावधान हैं: ‘अवैध संगठन’ की अस्पष्ट परिभाषा, बिना सुनवाई के प्रतिबंध, और जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस आयुक्त को व्यापक अधिकार देना।