त्रिचीरप्पल्ली में अपोलो स्पेशालिटी अस्पताल ने अत्याधुनिक न्यूरो नेविगेशन सिस्टम और स्ट्रोक कमांड सेंटर स्थापित किया, जिससे सटीक न्यूरोसर्जरी और त्वरित स्ट्रोक प्रबंधन संभव होगा। यह पहल रोगियों के उपचार समय को घटाते हुए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करती है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • त्रिची में उन्नत न्यूरो नेविगेशन सिस्टम स्थापित
  • नए स्ट्रोक कमांड सेंटर से तेज़ निदान और उपचार
  • 15 से अधिक नर्सिंग होम्स के साथ सहयोग

त्रिचीरप्पल्ली स्थित अपोলো स्पेशालिटी हॉस्पिटल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का अनावरण किया: एक अत्याधुनिक न्यूरो नेविगेशन सिस्टम और एक स्ट्रोक कमांड सेंटर। दोनों पहलें रोगियों को न्यूरोसर्जरी और स्ट्रोक उपचार में अत्यधिक सटीकता और तेज़ी प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं।

न्यूरो नेविगेशन सिस्टम की तकनीकी क्षमताएँ

इंटरवेंशनल न्यूरोलॉजिस्ट श्री एस. फज़ल इलाही ने बताया कि यह इमेज‑गाइडेड सर्जरी तकनीक मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के दौरान रीयल‑टाइम में चिकित्सकों को सटीक मार्गदर्शन देती है। इस प्रणाली से स्वस्थ मस्तिष्क ऊतक पर न्यूनतम क्षति होती है, जिससे रोगी तेज़ी से स्वस्थ होते हैं और पोस्ट‑ऑपरेटिव जटिलताओं की संभावना कम रहती है। थंजावूर के एक युवा रोगी का केस प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने इस प्रणाली के माध्यम से सफल न्यूरोलॉजिकल सर्जरी करवाई।

स्ट्रोक कमांड सेंटर का परिचय

स्ट्रोक कमांड सेंटर में सीटी पर्फ्यूज़न तकनीक स्थापित है, जो तीव्र स्ट्रोक के रोगियों में मस्तिष्क में रक्त प्रवाह का सटीक मूल्यांकन करने में सक्षम बनाती है। यह केंद्र कम से कम 15 नर्सिंग होम्स के साथ समन्वय करके डेल्टा क्षेत्र में समय‑संवेदनशील स्ट्रोक प्रबंधन को सुदृढ़ करेगा। केंद्र के संचालन में तेज़ निदान, त्वरित दवा प्रशासन और रोगी की निरंतर निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी।

समग्र स्वास्थ्य‑सुविधा और भविष्य की दिशा

विजय राजन, यूनिट हेड एवं एसोसिएट वाइस‑प्रेसिडेंट, अपोलो स्पेशालिटी हॉस्पिटल, त्रिची ने इस लॉन्चिंग को औपचारिक रूप से उद्घाटित किया और साथ ही एक विशेष न्यूरो‑इंटेंसिव केयर यूनिट की शुरुआत की घोषणा की। इस कदम से न केवल अस्पताल की क्षमताओं में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में स्वास्थ्य‑सेवा इकोसिस्टम को भी सुदृढ़ किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तकनीकी उन्नतियों से भारत में न्यूरोसर्जरी के मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचेंगे।