मदुरै के गवर्नमेंट राजजी अस्पताल (GRH) का प्रमुख कार्डियोलॉजी विभाग भारी संख्या में मरीजों के बोझ और डॉक्टरों की भारी कमी के कारण संकट में है। मात्र 6 फैकल्टी सदस्यों के साथ विभाग सालाना 1.23 लाख से अधिक मरीजों का इलाज कर रहा है।

मुख्य बातें

  • राजजी अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग केवल 6 शिक्षण फैकल्टी सदस्यों के साथ काम कर रहा है।
  • विभाग सालाना लगभग 1.23 लाख आउटपेशेंट और 4,000 इनपेशेंट का इलाज करता है।
  • कर्मचारियों की कमी के कारण तकनीशियन विकिरण (radiation) के जोखिम के बावजूद छुट्टी नहीं ले पा रहे हैं।
  • विभाग ने 'कार्डियक केयर ऑफ एक्सीलेंस' नामक एक अलग भवन की मांग की है।

मदुरै स्थित गवर्नमेंट राजजी अस्पताल (GRH) का कार्डियोलॉजी विभाग, जो राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक है, वर्तमान में गंभीर मानव संसाधन संकट का सामना कर रहा है। 1981 में स्थापित यह विभाग दक्षिण मदुरै के आसपास के सैकड़ों हजार लोगों की जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान में यह केवल 6 फैकल्टी सदस्यों (5 असिस्टेंट प्रोफेसर और 1 एसोसिएट प्रोफेसर) के भरोसे चल रहा है।

बढ़ता मरीज भार और संसाधनों का अभाव

सांख्यिकी के अनुसार, विभाग हर साल लगभग 1.23 लाख आउटपेशेंट और 4,000 इनपेशेंट का प्रबंधन करता है। पिछले 18 महीनों में, विभाग ने 1.91 लाख प्रवेश और गैर-आक्रामक प्रक्रियाएं की हैं, जिसमें 7,673 इंटरवेंशनल और कैथ लैब प्रक्रियाएं शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के प्रबंधन के लिए कम से कम 12 डॉक्टरों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में यह संख्या आधे से भी कम है।

BozokMedia विश्लेषण: स्वास्थ्य ढांचे की विफलता

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु के प्रमुख चिकित्सा संसाधनों का केंद्रीकरण चेन्नई के छह सरकारी अस्पतालों में हो गया है, जिससे मदुरै जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों को आवश्यक स्टाफ का 25% से भी कम हिस्सा मिल पा रहा है। यह असंतुलन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों के लिए एक बड़ा खतरा है।

इतने कम स्टाफ के साथ इतने उच्च स्तर की जटिल सर्जरी करना डॉक्टरों और कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है।

एक और चिंताजनक पहलू तकनीशियनों की स्थिति है। अस्पताल में सरकारी नियुक्त तकनीशियन शून्य हैं, जिसके कारण ₹18,000 के मामूली वेतन पर आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता है। ये कर्मचारी उच्च-शक्ति वाले एक्स-रे विकिरण के संपर्क में रहते हैं और सुरक्षा के लिए मिलने वाली अनिवार्य वार्षिक छुट्टी भी नहीं ले पा रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

राजजी अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग चार दशकों से अधिक समय से सेवा दे रहा है। 1981 में अपनी स्थापना के बाद से, इसने जटिल प्रक्रियाओं जैसे ASD, PDA और VSD क्लोजर में विशेषज्ञता हासिल की है, लेकिन बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन के मामले में यह अब अपनी क्षमता की सीमा तक पहुंच गया है।

क्या आप जानते हैं?: विभाग ने पिछले एक साल में अकेले 1.20 लाख ईसीजी (ECG) और 82,000 इको (Echo) परीक्षण किए हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: राजजी अस्पताल में डॉक्टरों की कितनी कमी है?
उत्तर: विभाग को प्रभावी ढंग से काम करने के लिए कम से कम 12 डॉक्टरों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 6 फैकल्टी सदस्य उपलब्ध हैं।

प्रश्न 2: विभाग ने सरकार से क्या मांग की है?
उत्तर: विभाग ने 'कार्डियक केयर ऑफ एक्सीलेंस' नामक एक समर्पित भवन और पर्याप्त स्टाफ की मांग की है।