पश्चिम बंगाल के लगभग 11 रक्त बैंकों को जांच के दौरान रक्त बेचने के आरोप में दान अभियान आयोजित करने से प्रतिबंधित किया गया है, परन्तु वे अपने केंद्रों में रक्त संग्रह जारी रख सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि दाताओं को मिक्सर ग्राइंडर, नकद आदि उपहार दिए जा रहे थे।
मुख्य बिंदु
- कम से कम छह रक्त बैंकों पर अंतर-राज्य रक्त बिक्री के मामले में जांच चल रही है।
- 11 रक्त बैंकों को दान अभियान आयोजित करने से रोका गया, परन्तु रक्त संग्रह जारी है।
- दाताओं को मिक्सर ग्राइंडर, पंखे और नकद सहित उपहार देने की पुष्टि हुई।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता, होरह, ईस्ट बर्दवान, वेस्ट बर्दवान, नडिया और नॉर्थ दिनाजपुर जिलों में स्थित कई रक्त बैंकों को स्वास्थ्य विभाग ने अंतर-राज्य रक्त बिक्री के आरोप में जांच के तहत रखा है।
राष्ट्रीय रक्त नीति (2002) के तहत रक्त की बिक्री प्रतिबंधित है, फिर भी बीमारियों के इलाज के लिए निजी रक्त बैंकों और व्यक्तियों को बड़ी मात्रा में प्लाज़्मा बेचा जा रहा था, जिससे करोड़ों रुपये का रैकट चल रहा था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियाँ न केवल रोगियों के जीवन को खतरे में डालती हैं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की विश्वसनीयता को भी धूमिल करती हैं।
"रक्त का व्यापार स्वास्थ्य क्षेत्र में एक गंभीर अपराध है, जिससे रोगी सुरक्षा और नैतिक मानकों दोनों पर सवाल उठते हैं," कहा विशेषज्ञ डॉक्टर अजय सिंह।
स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी ने बताया कि दक्षिण 24 परगना में आयोजित रक्तदान शिविर में दाताओं को पंखे, मिक्सर ग्राइंडर, घड़ी और नकद उपहार देने की घटनाएँ दर्ज हुईं। उन्होंने कहा, "आप दाता को खाद्य, फूल, बैज या प्रमाणपत्र दे सकते हैं, पर उपहार नहीं।"
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या प्रतिबंधित रक्त बैंकों को रक्त संग्रह जारी रखने की अनुमति है?
उत्तर: हाँ, वे अपने केंद्रों में रक्त संग्रह जारी रख सकते हैं, पर दान अभियान आयोजित नहीं कर सकते।
प्रश्न 2: इस जांच के परिणामस्वरूप क्या दंड लगाया जाएगा?
उत्तर: यदि दोष सिद्ध हुआ तो रक्त बैंकों पर लाइसेंस रद्द, जुर्माना और आपराधिक अभियोजन हो सकता है।