अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित NICU में 3:30 बजे आग लग गई। इस भयानक हादसे में 3 नवजात बच्चों की मौत और कई अन्य बच्चे घायल हुए।
- अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल में NICU में आग लगी
- तीन नवजात शिशु जलकर मर गए, लगभग 6 घायल
- आग का कारण अभी तक नहीं पता, जांच चल रही है
अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में सोमवार सुबह लगभग 3:30 बजे एक भीषण आग लग गई। अस्पताल के अनुसार, आग वेंटिलेटर में संभावित विस्फोट के कारण लगी, जिससे तुरंत धुआँ और लपटें फैलीं।
उस समय NICU में लगभग 39 नवजात शिशु भर्ती थे। डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और कई बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे। हालांकि, तीन नवजात शिशु लपटों में जलकर मारे गए और लगभग छह अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए।
घायलों को तुरंत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें उपचार दिया जा रहा है। अस्पताल के प्रशासन ने कहा कि आग पर काबू पाने के बाद सभी बच्चों को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और स्थिति को स्थिर किया गया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत में पिछले कुछ वर्षों में अस्पतालों में आग की कई घटनाएँ हुई हैं, जिनमें 2021 में कोलकाता के एक बच्चों के अस्पताल में लगी आग से 12 बच्चे मारे गए थे। इन घटनाओं ने अस्पताल सुरक्षा मानकों पर प्रश्न उठाए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा प्रणालियों की कमी एक गंभीर जोखिम है, और यह घटना इस क्षेत्र में नीति सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
"NICU जैसी संवेदनशील इकाइयों में अग्नि रोकथाम उपकरणों की नियमित जांच अनिवार्य है," प्रो. अजय सिंह, पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इस आग के पीछे कोई तकनीकी खराबी हो सकती है?
उत्तर: प्रारंभिक रिपोर्टों में वेंटिलेटर में विस्फोट का संकेत मिला है, लेकिन आधिकारिक जांच अभी जारी है।
प्रश्न 2: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
उत्तर: अस्पतालों में नियमित अग्नि सुरक्षा ऑडिट, आधुनिक फायर अलार्म और स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम की स्थापना आवश्यक है।