तमिलनाडु सरकार ने 107 उच्च लोड CEmONC केन्द्रों में नवजात शिशुओं को 1 ग्राम सोने की अंगूठी देने की योजना के तहत सुरक्षित भंडारण कक्ष बनवाने का आदेश दिया है। इन कक्षों को मिनी‑फ़ोर्ट्रेस जैसा बनाया जाएगा ताकि अंगूठियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कार्य 5 सितंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

  • हर योग्य नवजात को 1 ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी
  • 107 CEmONC केन्द्रों में वॉल्ट‑जैसे भंडारण कक्ष स्थापित किए जाएंगे
  • कार्य 5 सितंबर तक पूर्ण होने का लक्ष्य

तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ‘थैमैमन थांगा मोथिरम् थित्तम्’ योजना के तहत 107 उच्च‑लोड Comprehensive Emergency Obstetric and Newborn Care (CEmONC) केन्द्रों में नवजात शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान करने का प्रावधान किया है। इस योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्वास्थ्य सचिव ने सार्वजनिक कार्य विभाग (PWD) को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक केन्द्र में सुरक्षित भंडारण कक्ष स्थापित करें।

भंडारण कक्ष को मिनी‑फ़ोर्ट्रेस जैसा डिजाइन किया जाएगा, जिसमें स्टील ग्रिल एन्क्लोजर, फर्श एवं दीवार से एंकर किए गए अल्मारी और लॉक‑एबल गेट शामिल होंगे। यह संरचना सोने की अंगूठियों को चोरी, नुकसान या अनधिकृत पहुँच से बचाएगी। PWD को 5 सितंबर से पहले सभी कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि योजना 15 सितंबर से शुरू हो सके।

सुरक्षा एन्क्लोजर के तकनीकी मानकों में माइल्ड स्टील स्क्वायर रॉड, ग्रिल गेट, वेल्डिंग और फिनिशिंग शामिल हैं। अल्मारी को सिमेंट/कंक्रीट की बेड पर दृढ़ता से एंकर किया जाएगा, जिससे स्थिरता बनी रहेगी। इस मॉडल को आधिकारिक रूप से स्वीकृत किया गया है और सभी 107 संस्थानों में समान रूप से लागू किया जाएगा।

राज्य स्वास्थ्य सचिव ने कई उपायों की सूची बनाई है, जैसे कि भंडारण कक्ष को तीन तरफ़ इमारतों से घेरना, खिड़कियों को सील करना, और कक्ष को अलग‑थलग या आसानी से पहुँच न सकने वाले क्षेत्र से जोड़ना। इन उपायों से अंगूठियों की सुरक्षित डिलीवरी और वितरण प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी।

इस योजना के पीछे सामाजिक सुरक्षा और मातृत्व स्वास्थ्य में सुधार का लक्ष्य है। सरकार का मानना है कि नवजात शिशुओं को जन्म के समय सोने की अंगूठी देकर उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सकेगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that safeguarding the gold rings not only protects a tangible asset for vulnerable families but also strengthens public trust in government welfare schemes, potentially increasing institutional deliveries across the state.

"सुरक्षित भंडारण प्रणाली के बिना इस प्रकार की आर्थिक सहायता का प्रभावी कार्यान्वयन संभव नहीं है," कहा स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. रचना स्वामीनाथन।
Did You Know?: तमिलनाडु में 2018 में शुरू की गई ‘थैमैमन थांगा मोथिरम्’ योजना ने पहले ही 2.5 लाख नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी प्रदान की है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: कौन से शिशु इस योजना के पात्र हैं?

उत्तर: सभी सरकार के स्वास्थ्य संस्थानों में जन्मे योग्य नवजात शिशु, जिनका जन्म प्रमाणपत्र जारी हुआ हो, इस योजना के तहत एक ग्राम सोने की अंगूठी प्राप्त करेंगे।

प्रश्न 2: यदि अंगूठी खो जाए या चोरी हो जाए तो क्या होगा?

उत्तर: प्रत्येक भंडारण कक्ष में CCTV और लॉक सिस्टम स्थापित होंगे, और खोने या चोरी की स्थिति में तुरंत जांच शुरू की जाएगी, साथ ही पुनः जारी करने की प्रक्रिया भी उपलब्ध होगी।