गुंटूर के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. मोहन राव पटिबंडला ने 'मिनिमली इनवेसिव' तकनीक के माध्यम से मस्तिष्क की गहरी चोटों के इलाज में नई सफलता हासिल की है। यह तकनीक स्वस्थ मस्तिष्क ऊतकों को नुकसान पहुंचाए बिना सटीक उपचार सुनिश्चित करती है।

  • डॉ. मोहन राव पटिबंडला ने 'सिलिंड्रिकल कॉरिडोर सर्जरी' तकनीक पर जोर दिया।
  • यह तकनीक मस्तिष्क के स्वस्थ हिस्सों और तंत्रिका पथों (neural pathways) को सुरक्षित रखती है।
  • नई पद्धति से मस्तिष्क के गहरे हिस्सों में स्थित घावों का सटीक उपचार संभव है।

गुंटूर: आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, गुंटूर के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. मोहन राव पटिबंडला ने मस्तिष्क की 'मिनिमली इनवेसिव' (कम आक्रामक) सर्जरी के महत्व पर प्रकाश डाला है। डॉ. पटिबंडला, जो डॉ. राव अस्पताल-इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के संस्थापक हैं, ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 'वर्ल्ड न्यूरोसाइंसेज समिट 2026' में एक महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया।

उन्होंने अपनी प्रस्तुति में 'मिनिमली इनवेसिव सिलिंड्रिकल कॉरिडोर सर्जरी' की अवधारणा को समझाया। यह आधुनिक माइक्रोसर्जरी रणनीति विशेष रूप से मस्तिष्क के उन गहरे हिस्सों में स्थित घावों (lesions) तक पहुँचने के लिए डिज़ाइन की गई है, जहाँ पारंपरिक सर्जरी से स्वस्थ ऊतकों को नुकसान पहुँचने का जोखिम रहता है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य 'व्हाइट मैटर-स्पेयरिंग' कॉरिडोर का उपयोग करना है, ताकि सर्जरी के दौरान महत्वपूर्ण तंत्रिका पथ सुरक्षित रहें।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मस्तिष्क की सर्जरी में सबसे बड़ी चुनौती स्वस्थ मस्तिष्क ऊतकों को बचाना है। पारंपरिक सर्जरी में अक्सर मस्तिष्क के महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुँचने का डर रहता है, जिससे मरीज के कार्यों (जैसे बोलना या चलना) पर असर पड़ सकता है। डॉ. पटिबंडला की बताई गई यह तकनीक न केवल रिकवरी के समय को कम करती है, बल्कि सर्जरी के बाद होने वाली जटिलताओं के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर देती है।

मस्तिष्क की गहरी चोटों के इलाज में सर्जिकल मार्ग का चयन करना सबसे महत्वपूर्ण है ताकि स्वस्थ मस्तिष्क संरचनाओं में कम से कम व्यवधान हो।

डॉ. पटिबंडला ने बताया कि यह तकनीक उन मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है जिन्हें मस्तिष्क के गहरे हिस्सों में ट्यूमर या अन्य घाव हैं। इसमें सटीक सर्जिकल योजना, न्यूरोनेविगेशन और माइक्रोसर्जरी के दौरान सामान्य मस्तिष्क ऊतकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

न्यूरोसर्जरी का इतिहास काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। दशकों पहले, मस्तिष्क तक पहुँचने के लिए बड़े चीरे लगाने पड़ते थे, जिससे संक्रमण और मस्तिष्क क्षति का खतरा बहुत अधिक होता था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में माइक्रोस्कोपिक तकनीक और न्यूरोनेविगेशन के आने से चिकित्सा जगत में क्रांति आ गई है, जिससे अब 'मिनिमली इनवेसिव' प्रक्रियाओं का युग शुरू हो गया है।

Did You Know?: मस्तिष्क का 'व्हाइट मैटर' सूचनाओं को शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाने के लिए बिजली के तारों की तरह काम करता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सिलिंड्रिकल कॉरिडोर सर्जरी क्या है?
उत्तर: यह एक आधुनिक माइक्रोसर्जरी तकनीक है जो मस्तिष्क के गहरे घावों तक पहुँचने के लिए एक सुरक्षित और संकीर्ण मार्ग का उपयोग करती है, जिससे स्वस्थ ऊतकों को नुकसान नहीं पहुँचता।

प्रश्न 2: इस तकनीक का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य लाभ मस्तिष्क के महत्वपूर्ण कार्यों (functional pathways) को सुरक्षित रखना और सर्जरी के बाद मरीज के बेहतर सुधार की संभावना बढ़ाना है।