चेन्नई के राजन आई केयर अस्पताल में राष्ट्रीय नेत्र दान पखवाड़े के अवसर पर सातवें 'फॉर योर आइज ओनली' क्विज़ का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में युवाओं ने नेत्र स्वास्थ्य और कॉर्निया प्रत्यारोपण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया।

  • राजन आई केयर अस्पताल और रोटरी राजन आई बैंक द्वारा सातवें संस्करण का आयोजन।
  • 200 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रारंभिक दौर में हिस्सा लिया।
  • मोबाइल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) का खतरा बढ़ रहा है।
  • नेत्र दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

चेन्नई के नुंगमबक्कम स्थित राजन आई केयर अस्पताल (RECH) और रोटरी राजन आई बैंक (RREB) द्वारा आयोजित सातवें 'फॉर योर आइज ओनली' क्विज़ प्रतियोगिता का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। यह आयोजन 'राष्ट्रीय नेत्र दान पखवाड़े' के उपलक्ष्य में किया गया था, जिसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को नेत्र स्वास्थ्य और नेत्र दान के महत्व के प्रति जागरूक करना है।

प्रतियोगिता का विवरण और विजेता

इस प्रतियोगिता की शुरुआत एक ऑनलाइन प्रारंभिक दौर के साथ हुई, जिसमें 200 से अधिक उत्साही युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने नेत्र शरीर रचना (optic anatomy), कॉर्निया प्रत्यारोपण और नेत्र दान जैसे जटिल विषयों पर अपने ज्ञान का परीक्षण किया। ऑनलाइन दौर से आगे बढ़ते हुए 25 क्विज़र्स सेमीफाइनल में पहुंचे, जबकि अंततः 6 फाइनलिस्ट ने XQuizIt के क्विज़मास्टर अरविंद राजीव और महेश रामगोपाल द्वारा संचालित ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लिया। PSBB नुंगमबक्कम के देव अरविंद ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी बौद्धिक क्षमता का लोहा मनवाया।

बौद्धिक जागरूकता और नेत्र स्वास्थ्य का महत्व

कार्यक्रम के दौरान, PSBB नुंगमबक्कम की प्रिंसिपल एस. वसंती और रोटरी क्लब ऑफ मद्रास टी. नगर की अध्यक्ष पूर्णिमा कार्तिक ने सात वर्षों से इस क्विज़ को निरंतर आयोजित करने के लिए अस्पताल की सराहना की। रोटरी राजन आई बैंक की निदेशक सुजाथा मोहन ने नेत्र दान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब मशहूर हस्तियां सार्वजनिक रूप से नेत्र दान का संकल्प लेती हैं, तो इससे समाज में एक सकारात्मक लहर पैदा होती है, जो इस नेक काम को आगे बढ़ाने में मदद करती है।

बौज़ोकमीडिया विश्लेषण: डिजिटल युग में आंखों पर खतरा

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि आधुनिक जीवनशैली में डिजिटल उपकरणों का बढ़ता उपयोग एक गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर रहा है। राजन आई केयर अस्पताल के चेयरमैन और मेडिकल डायरेक्टर मोहन राजन ने बच्चों में बढ़ते 'मायोपिया' (निकट दृष्टि दोष) की महामारी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटे मोबाइल स्क्रीन का लंबे समय तक उपयोग युवा आंखों पर भारी पड़ रहा है और इसके दीर्घकालिक परिणाम दृष्टि हानि के रूप में सामने आ सकते हैं।

नेत्र दान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी के जीवन में अंधकार मिटाने का सबसे बड़ा उपहार है।
Did You Know?: कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से दृष्टिहीन व्यक्तियों को फिर से देखने की शक्ति दी जा सकती है, जो नेत्र दान का एक प्रमुख हिस्सा है।

Frequently Asked Questions

1. 'फॉर योर आइज ओनली' क्विज़ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य युवाओं को नेत्र स्वास्थ्य, कॉर्निया प्रत्यारोपण और नेत्र दान के प्रति शिक्षित और जागरूक करना है।

2. बच्चों की आंखों के लिए सबसे बड़ा खतरा क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल और छोटे डिजिटल स्क्रीन्स का अत्यधिक उपयोग बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) का मुख्य कारण बन रहा है।