केरल में HIV के प्रति घटते डर और बदलते व्यवहार के कारण युवाओं में यौन संचारित संक्रमणों (STI) के मामलों में भारी उछाल देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुरक्षित यौन संबंधों और नियमित जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।

  • केरल में STI/RTI केंद्रों पर मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
  • HIV अब युवाओं के लिए उतना डरावना नहीं रहा, जिससे जोखिम बढ़ गया है।
  • सिफलिस और गोनोरिया जैसे संक्रमणों के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं।
  • युवाओं के बीच नए HIV संक्रमणों का प्रतिशत भी बढ़ा है।

केरल में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट उभर रहा है। जिस HIV को कभी एक 'मृत्युदंड' के रूप में देखा जाता था, वह अब आधुनिक चिकित्सा के कारण एक प्रबंधनीय स्थिति बन गया है। इस बदलाव ने युवाओं के मन से वह डर निकाल दिया है जो कभी सुरक्षित यौन व्यवहार के लिए एक निवारक (deterrent) के रूप में कार्य करता था।

केरल स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (KSACS) के तहत संचालित 23 जिला STI/RTI केंद्रों पर आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में जहां 41,417 लोग इन केंद्रों पर आए थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 63,129 हो गई। यह वृद्धि केवल बीमारी के प्रसार को ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और बेहतर स्क्रीनिंग को भी दर्शाती है।

क्यों यह चिंता का विषय है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बदलता सामाजिक व्यवहार, सूचनाओं का अभाव और मादक द्रव्यों का सेवन युवाओं को अत्यधिक जोखिम में डाल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि 'संयम' का पुराना संदेश अब काम नहीं कर रहा है, क्योंकि आज की युवा पीढ़ी अधिक सक्रिय है। ऐसे में सुरक्षा और जागरूकता ही एकमात्र बचाव है।

"आज युवाओं को सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह देना है कि बिना लक्षणों के भी टेस्टिंग जरूरी है, क्योंकि कई संक्रमण बिना किसी संकेत के शरीर में फैल सकते हैं।" - वी. सैम प्रसाद, प्रमुख, AHF इंडिया केयर्स।

विशेष रूप से 15-24 आयु वर्ग के युवाओं में नए HIV संक्रमणों का प्रतिशत 10% से बढ़कर 15% हो गया है। इसके अलावा, सिफलिस (Syphilis) के मामलों में भी भारी उछाल देखा गया है। डॉक्टर अब न्यूरोसिफलिस और कार्डियोवास्कुलर सिफलिस जैसे गंभीर जटिलताओं की रिपोर्ट कर रहे हैं, जो लंबे और गहन उपचार की मांग करते हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ और वर्तमान स्थिति

दशकों पहले, HIV/AIDS एक वैश्विक महामारी के रूप में उभरा था जिसने सामाजिक धारणाओं को बदल दिया था। हालांकि, एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) की प्रगति ने इसे एक पुरानी बीमारी (chronic condition) बना दिया है। लेकिन यही प्रगति अब एक नए खतरे का कारण बन रही है, क्योंकि लोग सुरक्षा के प्रति लापरवाह हो रहे हैं।

विवरण2023-24 (अनुमानित)2024-25 (अनुमानित)
STI केंद्र पर कुल उपस्थिति41,41763,129
सिफलिस स्क्रीनिंग (RPR)55%70%
15-24 आयु वर्ग में HIV वृद्धि10%15%
क्या आप जानते हैं?: कई यौन संचारित संक्रमण (STIs) बिना किसी लक्षण के शरीर में रह सकते हैं, जिससे व्यक्ति अनजाने में दूसरों को संक्रमित कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या कंडोम सभी STIs से बचाता है?
नहीं, कंडोम HIV और गोनोरिया के जोखिम को काफी कम करता है, लेकिन सिफलिस और HPV जैसे संक्रमण त्वचा के संपर्क (skin-to-skin contact) से भी फैल सकते हैं।

2. KSACS ने युवाओं की मदद के लिए क्या किया है?
KSACS ने एक डिजिटल सेल्फ-असेसमेंट टूल लॉन्च किया है, जिससे युवा बिना किसी डर के अपनी यौन स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर सकते हैं।