दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक अवैध परिसर से 'Abhayrab' रेबीज वैक्सीन का एक संदिग्ध बैच जब्त किया गया है, जिसे 'मिसब्रांडेड' और घटिया गुणवत्ता का पाया गया है। DCGI ने देश भर के राज्यों को इस बैच के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

  • दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक बिना लाइसेंस वाले परिसर से Abhayrab रेबीज वैक्सीन का बैच जब्त किया गया।
  • केस में चार लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
  • सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (Kasauli) ने वैक्सीन को 'मिसब्रांडेड' और 'मानक गुणवत्ता का नहीं' पाया है।
  • DCGI ने सभी राज्यों को इस बैच की निगरानी करने और कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

देश की राजधानी दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक बड़े दवा घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने एक बिना लाइसेंस वाले परिसर पर छापेमारी की, जहाँ से Abhayrab रेबीज वैक्सीन का एक संदिग्ध बैच (बैच नंबर KE25012) बरामद किया गया। जांच के बाद, यह पाया गया कि यह वैक्सीन न केवल 'मिसब्रांडेड' थी, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं थी।

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला, कसौली (Central Drugs Laboratory, Kasauli) की रिपोर्ट के अनुसार, यह उत्पाद Indian Immunologicals Ltd. द्वारा निर्मित नहीं था और इसे गलत तरीके से ब्रांड किया गया था। यह घटना सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अवैध दवा नेटवर्क स्वास्थ्य प्रणाली की जड़ों पर हमला करते हैं। जब रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन ही नकली या घटिया निकले, तो यह न केवल मरीजों की जान जोखिम में डालता है, बल्कि पूरे टीकाकरण अभियान पर से जनता का भरोसा भी उठा सकता है।

नकली दवाओं का प्रसार सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक अदृश्य महामारी है जिसे केवल सख्त निगरानी और त्वरित कानूनी कार्रवाई से ही रोका जा सकता है।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। DCGI ने सभी राज्य औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि वे इस बैच की आवाजाही और वितरण पर कड़ी नजर रखें। Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत इस मामले में सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

दूसरी ओर, मूल निर्माता Indian Immunologicals Ltd. ने स्पष्ट किया है कि उनकी आधिकारिक सप्लाई चेन पूरी तरह से विनियमित है और अस्पतालों या लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों में मिलने वाली वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस नकली बैच का निर्यात किसी अन्य देश में नहीं किया गया है।

Did You Know?: रेबीज एक लाइलाज बीमारी है, जिसमें लक्षण दिखने के बाद मृत्यु लगभग निश्चित होती है, इसलिए वैक्सीन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Frequently Asked Questions

1. क्या यह नकली वैक्सीन अस्पतालों में उपलब्ध है?
नहीं, निर्माता के अनुसार, अस्पतालों और लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों में मिलने वाली वैक्सीन प्रमाणित और सुरक्षित सप्लाई चेन से आती हैं।

2. क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
हाँ, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।