बेलगावी में आयोजित एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया के 13वें वार्षिक सम्मेलन में डॉ. प्रभाकर कोर ने विशेषज्ञों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने उत्तर कर्नाटक में ओरल कैंसर की बढ़ती घटनाओं और अत्याधुनिक उपचार की आवश्यकता पर चर्चा की।

  • डॉ. प्रभाकर कोर ने ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जनों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।
  • उत्तर कर्नाटक में ओरल कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की गई।
  • KLE SS शिवनागी कैंसर अस्पताल में उन्नत उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं।
  • सम्मेलन में 280 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।

बेलगावी में शनिवार को आयोजित एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (AOMSI) के 13वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए, KLE सोसाइटी के चेयरमैन एमेरिटस और KAHER के चांसलर डॉ. प्रभाकर कोर ने चिकित्सा जगत में इस विशेष शाखा के महत्व पर प्रकाश डाला। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय 'विकसित अवधारणाएं और नैदानिक उत्कृष्टता' (Evolving Concepts and Clinical Excellence) रखा गया था।

डॉ. कोर ने विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक में ओरल कैंसर की व्यापकता के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जन न केवल कैंसर का इलाज करते हैं, बल्कि उपचार के बाद रोगी के चेहरे की संरचना को बहाल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि कुछ दशक पहले जहां इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की कमी थी, वहीं आज उत्तर कर्नाटक में कुछ बेहतरीन सर्जन मौजूद हैं।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत के कई हिस्सों में, विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, ओरल कैंसर की दर चिंताजनक रूप से उच्च है। ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जन केवल दांतों के डॉक्टर नहीं हैं, बल्कि वे जटिल चेहरे की सर्जरी और पुनर्निर्माण के विशेषज्ञ हैं, जो रोगी के जीवन की गुणवत्ता और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को बहाल करने के लिए अनिवार्य हैं।

मौखिक कैंसर के उपचार में केवल सर्जरी ही नहीं, बल्कि चेहरे के पुनर्निर्माण के माध्यम से रोगी के सामाजिक आत्मविश्वास को वापस लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सम्मेलन के दौरान, KAHER के रजिस्ट्रार विश्वनाथ एम. पट्टणशेट्टी ने चेहरे की बनावट को बहाल करने में सर्जनों की भूमिका पर जोर दिया। वहीं, KAOSMI के सचिव गिरीश गौड़ा ने रोगी के चेहरे के स्वरूप को पुनः प्राप्त करने में उनकी विशेषज्ञता को रेखांकित किया। सम्मेलन में स्नातकोत्तर छात्रों के शैक्षणिक कौशल को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों पर भी चर्चा की गई।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अतीत में, मैक्सिलोफेशियल सर्जरी को अक्सर सामान्य दंत चिकित्सा का हिस्सा माना जाता था, लेकिन पिछले दो दशकों में, तकनीकी प्रगति और जटिल कैंसर मामलों के बढ़ने के साथ, यह एक अत्यधिक विशिष्ट और महत्वपूर्ण चिकित्सा उप-शाखा बन गई है। भारत में AOMSI जैसे संगठनों ने इस क्षेत्र में अनुसंधान और प्रशिक्षण के मानकों को वैश्विक स्तर पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Did You Know?: ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जन जटिल चेहरे की चोटों, जन्म दोषों और कैंसर के बाद चेहरे के पुनर्निर्माण के विशेषज्ञ होते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जन कौन होते हैं?
उत्तर: ये विशेषज्ञ सर्जन होते हैं जो चेहरे, जबड़े और मुंह से जुड़ी जटिल समस्याओं, जैसे कैंसर, चोट और जन्मजात विकृतियों का उपचार करते हैं।

प्रश्न 2: उत्तर कर्नाटक में ओरल कैंसर की स्थिति क्या है?
उत्तर: डॉ. कोर के अनुसार, इस क्षेत्र में ओरल कैंसर की दर काफी अधिक है, जिसके लिए उन्नत सर्जिकल और कैंसर देखभाल की आवश्यकता है।