उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 'इंडिया वाल्व रजिस्ट्री' लॉन्च की, जो हृदय वाल्व रोगों के अनुसंधान और उपचार में मील का पत्थर साबित होगी। यह पहल भारत में हृदय रोगों के बढ़ते बोझ को कम करने और बेहतर डेटा आधारित इलाज सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

  • उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 'इंडिया वाल्व रजिस्ट्री' का उद्घाटन किया।
  • यह रजिस्ट्री हृदय वाल्व रोगों के अनुसंधान और उपचार के लिए एक बहु-केंद्रित प्लेटफॉर्म है।
  • तमिलनाडु सरकार ने CMCHIS के तहत हृदय उपचार के कवरेज को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख करने की घोषणा की है।
  • रजिस्ट्री का उद्देश्य भारत के विशिष्ट नैदानिक डेटा के आधार पर उपचार में सुधार करना है।

चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “India Valves 2026” के दौरान, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 'इंडिया वाल्व रजिस्ट्री' (India Valve Registry) का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। यह एक चिकित्सक-नेतृत्व वाला, बहु-केंद्रित और दीर्घकालिक अनुसंधान प्लेटफॉर्म है, जो विशेष रूप से हृदय वाल्व रोगों और उनके हस्तक्षेपों (interventions) पर केंद्रित है।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि हृदय रोग विज्ञान में हो रही प्रगति ने लाखों लोगों को नई आशा दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि वैश्विक साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं, लेकिन भारत को अपने स्वयं के रोगियों और नैदानिक अनुभवों से डेटा उत्पन्न करना चाहिए। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, भारत में गैर-संचारी रोगों (NCDs) का बोझ बहुत अधिक है, ऐसे में यह रजिस्ट्री चुनौतियों की पहचान करने और रोगी देखभाल में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में हृदय रोगों का पैटर्न पश्चिमी देशों से भिन्न है। 'इंडिया वाल्व रजिस्ट्री' जैसे डेटा-संचालित प्लेटफॉर्म न केवल डॉक्टरों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करेंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि भारत में विकसित चिकित्सा तकनीकें स्थानीय आबादी की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करें।

भारत को वैश्विक डेटा पर निर्भर रहने के बजाय अपने स्वयं के नैदानिक साक्ष्यों को मजबूत करने की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने बताया कि तमिलनाडु सरकार इस दिशा में एक अग्रणी भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री के व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना (CMCHIS) के माध्यम से, राज्य सरकार अब वार्षिक कवर को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख प्रति परिवार करने जा रही है। इससे गरीब परिवारों के लिए भी उन्नत हृदय संबंधी उपचार सुलभ हो जाएंगे।

मंत्री ने आगे बताया कि पिछले 20 महीनों में, 110 अस्पतालों में 2,590 मरीजों का हृदय वाल्व प्रतिस्थापन किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 53% महिलाएं थीं और लगभग 25% मरीज 40 वर्ष से कम आयु के थे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लगभग 80% बायोप्रोस्थेटिक वाल्व भारत में ही निर्मित किए जा रहे हैं।

Did You Know?: तमिलनाडु का 'STEMI कार्यक्रम' दुनिया भर में हृदय गति रुकने (heart attack) के उपचार के लिए एक सफल मॉडल माना जाता है।

Frequently Asked Questions

1. इंडिया वाल्व रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य हृदय वाल्व रोगों के रोगियों का विस्तृत डेटा एकत्र करना है ताकि उपचार के परिणामों और तकनीकों में सुधार किया जा सके।

2. CMCHIS योजना में क्या बदलाव किए गए हैं?
तमिलनाडु सरकार ने स्वास्थ्य बीमा कवरेज को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख प्रति परिवार कर दिया है।