इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस 2026 के अवसर पर 'मूव मोर, लिव हेल्थियर' अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य शारीरिक गतिशीलता को बढ़ावा देना और आधुनिक फिजियोथेरेपी के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

  • इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने 'मूव मोर, लिव हेल्थियर' पहल की शुरुआत की।
  • विश्व फिजियोथेरेपी दिवस 2026 का मुख्य उद्देश्य दर्द निवारण और निवारक स्वास्थ्य देखभाल है।
  • डिजिटल केयर और स्वस्थ उम्र बढ़ने (Healthy Ageing) पर विशेष जोर दिया गया।

नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस 2026 को एक भव्य आयोजन और 'मूव मोर, लिव हेल्थियर' (Move More, Live Healthier) नामक एक व्यापक स्वास्थ्य पहल के साथ मनाया। इस कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य आम जनता के बीच फिजियोथेरेपी के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना और यह समझाना है कि कैसे नियमित शारीरिक गतिविधि पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में मदद कर सकती है।

अस्पताल के विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि फिजियोथेरेपी केवल चोट के बाद का उपचार नहीं है, बल्कि यह एक निवारक विज्ञान है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से, अब मरीजों को रिकवरी के लिए लंबे समय तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि होम-बेस्ड और डिजिटल फिजियोथेरेपी के माध्यम से तेजी से सुधार संभव है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी जीवनशैली में गतिहीनता (Sedentary Lifestyle) के कारण मस्कुलोस्केलेटल विकार तेजी से बढ़ रहे हैं। अपोलो जैसी संस्थाओं द्वारा इस तरह की पहल न केवल मरीजों को प्रेरित करती है, बल्कि स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली पर बोझ को कम करने के लिए 'निवारक देखभाल' (Preventive Care) के मॉडल को बढ़ावा देती है।

"फिजियोथेरेपी केवल मांसपेशियों की कसरत नहीं है, बल्कि यह शरीर को फिर से जीवंत करने और स्वतंत्रता को पुनः प्राप्त करने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है।"

इस वर्ष के उत्सव में केवल अपोलो ही नहीं, बल्कि मणिपाल अस्पताल भुवनेश्वर और PGIMER जैसे प्रमुख संस्थानों ने भी भाग लिया। मणिपाल अस्पताल ने विशेष रूप से 'हेल्दी एजिंग' (Healthy Ageing) पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि बुजुर्गों को अपनी गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिल सके। वहीं, डिजिटल केयर के माध्यम से फिजियोथेरेपी को अधिक सुलभ बनाने पर चर्चा की गई।

ऐतिहासिक रूप से, फिजियोथेरेपी का विकास प्रथम विश्व युद्ध के बाद घायल सैनिकों के पुनर्वास के लिए हुआ था। आज, यह क्षेत्र रोबोटिक्स और एआई-संचालित रिकवरी टूल्स तक विकसित हो चुका है, जो इसे चिकित्सा विज्ञान का एक अनिवार्य हिस्सा बनाता है।

विशेषता पारंपरिक फिजियोथेरेपी आधुनिक डिजिटल फिजियोथेरेपी
पहुंच केवल क्लिनिक आधारित कहीं भी, कभी भी (Remote)
निगरानी मैनुअल ट्रैकिंग सेंसर और एआई आधारित ट्रैकिंग
केंद्र बिंदु दर्द निवारण निवारण और समग्र कल्याण
क्या आप जानते हैं?: फिजियोथेरेपी शब्द ग्रीक शब्दों 'physis' (प्रकृति) और 'therapeia' (उपचार) से आया है, जिसका अर्थ है प्रकृति के माध्यम से उपचार करना।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'मूव मोर, लिव हेल्थियर' पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करना और फिजियोथेरेपी के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

प्रश्न 2: क्या फिजियोथेरेपी केवल गंभीर चोटों के लिए है?
उत्तर: नहीं, यह दर्द निवारण, पुरानी बीमारियों के प्रबंधन और भविष्य की चोटों को रोकने के लिए भी उतनी ही प्रभावी है।