वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा और दावा किया कि बच्चों के पूरक पोषण की आपूर्ति तक शराब माफिया के प्रभाव में थी।
- 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ वाराणसी में किया गया।
- सीएम योगी ने पूर्व सरकारों पर पोषण आपूर्ति में 'शराब माफिया' के हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
- प्रदेश में 1.90 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1.56 करोड़ लाभार्थियों को सेवा मिल रही है।
- ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.36 लाख स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक समय ऐसा था जब बच्चों के लिए निर्धारित पूरक पोषण (Supplementary Nutrition) की आपूर्ति तक 'शराब माफिया' के प्रभाव में थी, जिससे सबसे मासूम वर्ग के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया।
मुख्यमंत्री ने विवरण देते हुए कहा कि पूर्व में आंगनवाड़ी केंद्रों पर राशन की आपूर्ति महीनों तक बाधित रहती थी। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि बुनियादी सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, शौचालय और गर्म भोजन की भारी कमी थी, जिसने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि पोषण को शासन और प्रशासन से जोड़कर देखना यह संकेत देता है कि सरकार अब स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार को शून्य करने की कोशिश कर रही है। जब बुनियादी पोषण माफियाओं के नियंत्रण में होता है, तो इसका सीधा असर अगली पीढ़ी के संज्ञानात्मक और शारीरिक विकास पर पड़ता है, जिससे राज्य की दीर्घकालिक उत्पादकता प्रभावित होती है।
सीएम योगी ने इस अभियान के मुख्य उद्देश्यों पर जोर देते हुए कहा कि आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन का सेवन अनिवार्य है। उन्होंने सुझाव दिया कि केवल मूंग दाल की खिचड़ी के बजाय उसमें गाजर और अन्य सब्जियां मिलाई जाएं ताकि बच्चों को पोषण के साथ-साथ स्वाद भी मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोषण अभियान तभी सफल होगा जब बच्चे खुशी-खुशी भोजन ग्रहण करेंगे।
"बच्चे के जीवन के पहले 1,000 दिन, जो गर्भावस्था से शुरू होते हैं, उसके संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास की नींव रखते हैं।"
आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 1.90 लाख आंगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जो 897 बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से संचालित हैं। हर महीने लगभग 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पोषण सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिनमें 35.46 लाख बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन दिया जा रहा है।
पोषण के साथ-साथ शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर चर्चा करते हुए उन्होंने 'ऑपरेशन कायाकल्प' का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1.36 लाख स्कूलों में पेयजल और अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था की गई है। एक अध्ययन के अनुसार, बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कक्षा 3 से 7 के बीच लड़कियों के स्कूल छोड़ने (Dropout) की दर अधिक थी, जिसे अब सुधारा जा रहा है।
| सुविधा/सेवा | वर्तमान स्थिति/लक्ष्य |
|---|---|
| कुल आंगनवाड़ी केंद्र | 1.90 लाख |
| मासिक लाभार्थी | 1.56 करोड़ |
| गर्म भोजन प्राप्त बच्चे | 35.46 लाख |
| कायाकल्पित स्कूल | 1.36 लाख |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: राष्ट्रीय पोषण माह का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
प्रश्न 2: ऑपरेशन कायाकल्प क्या है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है जिसके तहत सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, जैसे शौचालय और पेयजल की व्यवस्था में सुधार किया गया है ताकि छात्रों की उपस्थिति बढ़े।