मोबिस इंडिया फाउंडेशन ने थिरुवेरकाडु स्थित टैंकर फाउंडेशन केंद्र को तीन आधुनिक हीमोडायलिसिस मशीनें दान की हैं। यह पहल स्थानीय वंचित मरीजों को उनके घर के करीब सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी।

  • मोबिस इंडिया फाउंडेशन ने टैंकर फाउंडेशन के थिरुवेरकाडु केंद्र को 3 हीमोडायलिसिस मशीनें प्रदान कीं।
  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य वंचित और गरीब मरीजों को उनके घर के पास डायलिसिस सुविधा देना है।
  • संस्था ने किडनी रोग की जल्द पहचान के लिए जागरूकता और स्क्रीनिंग वाहनों पर भी जोर दिया है।

चेन्नई के थिरुवेरकाडु में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मोबिस इंडिया फाउंडेशन ने टैंकर फाउंडेशन (Tamilnad Kidney Research Foundation) को तीन अत्याधुनिक हीमोडायलिसिस मशीनें दान की हैं। इन मशीनों का उद्घाटन मोबिस इंडिया फाउंडेशन के सीएसआर प्रमुख नारासिम्हन जी. द्वारा किया गया।

इस अवसर पर बोलते हुए नारासिम्हन जी. ने कहा कि यह डायलिसिस केंद्र थिरुवेरकाडु और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले उन हजारों वंचित मरीजों के लिए एक वरदान साबित होगा, जिन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब उन्हें अपने घर के करीब ही जीवन रक्षक डायलिसिस देखभाल मिल सकेगी, जिससे न केवल उनका समय बचेगा बल्कि इलाज का खर्च भी कम होगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत में किडनी फेलियर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, खासकर निम्न-आय वर्ग के लोगों में। जब कॉर्पोरेट जगत की सीएसआर (CSR) पहलें टैंकर फाउंडेशन जैसे विशेषज्ञ संस्थानों के साथ मिलती हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा बदलाव लाता है। यह मॉडल दर्शाता है कि कैसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य असमानता को कम कर सकती है।

किडनी रोगों का समय पर पता लगाना और नियमित डायलिसिस ही मरीजों के जीवन की गुणवत्ता और उम्र बढ़ाने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।

टैंकर फाउंडेशन के अध्यक्ष और संस्थापक ट्रस्टी जॉर्जी अब्राहम ने मोबिस इंडिया फाउंडेशन के इस उदार योगदान की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से जागरूकता और स्क्रीनिंग वाहनों के समर्थन का उल्लेख किया, जो दूर-दराज के इलाकों में जाकर लोगों की जांच करने और किडनी की बीमारी को गंभीर स्तर तक पहुंचने से रोकने में मदद करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान टैंकर फाउंडेशन की प्रबंध ट्रस्टी लता ए. कुमारस्वामी, सलाहकार सदस्य राजलक्ष्मी रवि और मोबिस इंडिया फाउंडेशन की सीएसआर टीम से इन्फेंट रोशिना सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

क्या आप जानते हैं?: हीमोडायलिसिस एक कृत्रिम प्रक्रिया है जो शरीर से अपशिष्ट उत्पादों और अतिरिक्त तरल पदार्थों को हटाने के लिए किडनी का काम करती है जब प्राकृतिक किडनी काम करना बंद कर देती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: टैंकर फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: टैंकर फाउंडेशन मुख्य रूप से किडनी रोगों के अनुसंधान, रोकथाम और वंचित मरीजों को किफायती डायलिसिस सेवाएं प्रदान करने के लिए समर्पित है।

प्रश्न 2: मोबिस इंडिया फाउंडेशन ने इस दान के माध्यम से क्या लक्ष्य रखा है?
उत्तर: इसका लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं का लोकतंत्रीकरण करना और यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आधुनिक चिकित्सा तकनीक तक पहुंच मिले।