ब्रिटेन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (ईआरजीसी) को आतंकवादी संगठन घोषित किया और इमरजेंट मूवमेंट ऑफ द कंपैनियंस ऑफ द राइट (IMCR) को प्रतिबंधित किया, जो यूके में यहूदी संस्थाओं पर कई जलते हुए हमलों के पीछे माना जाता है। यह कदम यूके‑ईरान कूटनीतिक तनाव को बढ़ाता है और यूरोप में ईरान‑समर्थित समूहों की निगरानी को कड़ा करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ईआरजीसी को यूके ने आतंकवादी समूह घोषित किया
  • इंसाफ़ी समूह IMCR को यहूदी लक्ष्य पर हमलों का आरोप
  • नए प्रतिबंध से समर्थन देना अपराध बन गया

लंदन के गृह मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (ईआरजीसी) को आतंकवादी संगठन सूची में शामिल किया, जिससे यूके में इस समूह को समर्थन या सहानुभूति प्रदान करना अब आपराधिक दायित्व बन गया। यह घोषणा कई वर्षों के राजनीतिक विवाद के बाद आई, जिसमें कई देशों ने ईआरजीसी को आतंकवादी मान्यता देने से इनकार किया था।

प्रॉक्सी समूह IMCR का आरोप

साथ ही, गृह मंत्रालय ने इमरजेंट मूवमेंट ऑफ द कंपैनियंस ऑफ द राइट (IMCR) को भी प्रतिबंधित किया, जिसे यूके में यहूदी संस्थाओं पर सड़ाने वाले हमलों की जिम्मेदारी दी गई है। सुरक्षा मंत्री एंजेला ईगल ने बताया कि IMCR ने लंदन की सिनेगॉग, हत्ज़ोला एम्बुलेंस और ईरानी विरोधी पर्सियन‑भाषी मीडिया पर सात हमले किए थे। इस समूह के पीछे ईआरजीसी के क़ौद्स फोर्स के सदस्य थे, जो यूरोप भर में समान कार्यों का निर्देश देते हैं।

पृष्ठभूमि और यूरोप में बढ़ते खतरे

पिछले कुछ महीनों में यूरोप में ईरान‑समर्थित प्रॉक्सी समूहों द्वारा कई साजिशें उजागर हुईं, जिनमें दो इरान इंटरनेशनल पत्रकारों की हत्या की योजना, ब्रिटिश लक्ष्यों पर साइबर‑हैक, और बेल्जियम व नीदरलैंड्स में सिनेगॉग पर जलते हुए हमले शामिल हैं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के कमिश्नर सायर मार्क रोली ने कहा कि इन हमलों में इरानी राज्य की प्रत्यक्ष निगरानी और अभिप्रेरणा की संभावना है।

राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएँ

यह कदम पिछले कंजरवेटिव सरकार के निर्णय को उलटता है, जिसने ईआरजीसी को प्रतिबंधित नहीं करने का चयन किया था। अब यूके में इस समूह को वित्तीय सहायता, प्रचार या किसी भी प्रकार की सहायता देना कड़ी सजा के तहत आएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यूरोपीय संघ ने भी जनवरी में ईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित किया था, जिससे इस प्रतिबंध का वैश्विक प्रभाव बढ़ता है। ईरान ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन इस कदम से दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में और तनाव की संभावना है।

निष्कर्ष

यूके की यह कार्रवाई न केवल घरेलू सुरक्षा को सुदृढ़ करने का इरादा रखती है, बल्कि यूरोप में ईरान‑समर्थित नेटवर्क की निगरानी को भी तेज करती है। इस निर्णय से भविष्य में संभावित उत्परिवर्तन, कूटनीतिक वार्तालापों और सुरक्षा उपायों में बदलाव की उम्मीद है।