संयुक्त राज्य रक्षा विभाग ने 30 वर्ष से अधिक आयु के सैनिकों के लिए वार्षिक टेस्टोस्टेरोन परीक्षण लागू करने की योजना घोषित की। यह कदम सेना की लड़ाकू क्षमता और दीर्घकालिक स्वास्थ्य को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • US सेना 30+ उम्र के सैनिकों पर वार्षिक टेस्टोस्टेरोन टेस्ट लागू करेगी
  • कम स्तर वाले सैनिकों को Testosterone Replacement Therapy (TRT) दी जाएगी
  • उद्देश्य लड़ाकू क्षमता, सहनशक्ति और दीर्घायु सुनिश्चित करना है

संयुक्त राज्य रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 16 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक वीडियो संदेश में बताया कि अमेरिकी सेना अब केवल हथियारों और तकनीकी उपकरणों पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सैनिकों के हार्मोन स्तर पर भी ध्यान देगी। इस नीति के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी सैनिकों का हर साल टेस्टोस्टेरोन स्तर जांचा जाएगा।

पृष्ठभूमि और कारण

टेस्टोस्टेरोन को अक्सर पुरुषत्व का हार्मोन कहा जाता है, जो मांसपेशी शक्ति, ऊर्जा, आक्रामकता और मानसिक आत्मविश्वास को प्रभावित करता है। उम्र बढ़ने के साथ इस हार्मोन का स्तर धीरे‑धीरे घटता है, जिससे शारीरिक क्षमता में गिरावट आ सकती है। हेगसेथ का मानना है कि आधुनिक युद्ध में केवल तकनीकी श्रेष्ठता नहीं, बल्कि सैनिक की व्यक्तिगत लड़ाकू क्षमता भी निर्णायक होती है। इसलिए, हार्मोन स्तर की निगरानी को सैन्य तैयारी का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है।

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थैरेपी (TRT)

यदि परीक्षण में किसी सैनिक का टेस्टोस्टेरोन स्तर सामान्य सीमा से नीचे पाया जाता है, तो उसे TRT प्रदान किया जाएगा। यह उपचार अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा हाइपोगोनैडिज़्म जैसी स्थितियों में अनुमोदित है। लक्ष्य है कि सैनिक अपने शारीरिक और मानसिक प्रदर्शन में गिरावट न देखे और युद्ध की कठोर परिस्थितियों में भी उच्च स्तर की तैयारियों को बनाए रखे।

नीति के संभावित प्रभाव

यह पहल कई स्तरों पर प्रभाव डालेगी: पहली, सैनिकों के स्वास्थ्य में सुधार से उच्चतम शारीरिक तत्परता सुनिश्चित होगी; दूसरी, यह कदम अमेरिकी सेना को वैश्विक स्तर पर एक अधिक ‘किलर’ और ‘आक्रामक’ बल के रूप में पेश करेगा। साथ ही, यह नीति ट्रम्प प्रशासन के बाद के स्वास्थ्य‑संबंधी नियमों में ढील को दर्शाती है, जहाँ टेस्टोस्टेरोन थेरेपी को आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में परिवर्तन हुए हैं।

भविष्य की दिशा

हेगसेथ ने कहा कि “हमारा सबसे निर्णायक रणनीतिक लाभ हमेशा व्यक्तिगत सैनिक ही रहेगा, और इस लाभ को बनाए रखना हमारा पवित्र कर्तव्य है।” यह बयान दर्शाता है कि भविष्य में भी हार्मोन‑आधारित स्वास्थ्य मॉनिटरिंग को सेना की मुख्य रणनीति में शामिल किया जाएगा, जिससे सैनिकों की दीर्घायु और युद्धक्षेत्र में प्रभावशीलता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।