यूके सरकार ने चेतावनी दी है कि रिकॉर्ड तोड़ कम बारिश और अत्यधिक गर्मी के कारण इंग्लैंड के 51.4% हिस्से को आधिकारिक तौर पर सूखे की चपेट में घोषित कर दिया गया है।

मुख्य बातें

  • इंग्लैंड का 51.4% क्षेत्र अब आधिकारिक तौर पर सूखे की स्थिति में है।
  • लंदन, वेस्ट मिडलैंड्स और दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड सहित सात प्रमुख क्षेत्र प्रभावित हैं।
  • जुलाई का महीना अब तक का सबसे शुष्क महीना साबित हो रहा है।
  • लगातार दूसरी बार सूखा पड़ने से कृषि और पर्यावरण पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

यूके सरकार ने बुधवार को एक गंभीर घोषणा करते हुए कहा कि 'रिकॉर्ड तोड़ कम बारिश और असाधारण रूप से उच्च तापमान' के कारण इंग्लैंड के आधे से अधिक हिस्से को आधिकारिक तौर पर सूखे की चपेट में घोषित कर दिया गया है। पर्यावरण एजेंसी के अनुसार, यह स्थिति एक 'फ्लैश ड्राउट' (अचानक आया सूखा) है, जो बहुत कम समय में अत्यधिक गर्मी और बारिश की कमी के कारण पैदा हुआ है।

इस भीषण संकट के कारण लंदन, ईस्ट एंग्लिया, दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड और वेस्ट मिडलैंड्स जैसे सात प्रमुख क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है। यह क्षेत्र देश के कुल क्षेत्रफल का 51.4% हिस्सा कवर करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जुलाई में देश भर में अपेक्षित वर्षा का केवल 7% ही हुआ है, जबकि दक्षिणी इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में यह आंकड़ा मात्र 1% तक गिर गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक मौसम संबंधी घटना नहीं है, बल्कि एक गंभीर आर्थिक और पारिस्थितिक संकट है। नदियों का जलस्तर गिर रहा है, जिससे न केवल पीने के पानी की समस्या हो रही है, बल्कि किसानों को अपनी फसलें समय से पहले काटनी पड़ रही हैं। इसके अतिरिक्त, जंगलों में आग लगने (wildfire) का खतरा भी काफी बढ़ गया है।

'लगातार दूसरा सूखा एक असाधारण रूप से गंभीर स्थिति है जिसका पर्यावरण, वन्यजीवों और अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।'

नेशनल ड्रॉट ग्रुप की बैठक में जल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पानी के रिसाव (leaks) को ठीक करने को प्राथमिकता दें। वर्तमान में, यूके अपनी चौथी व्यापक हीटवेव का सामना कर रहा है, जिससे पानी की मांग प्राकृतिक पुनर्भरण (replenishment) की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यूके में जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। हाल ही में मेट ऑफिस ने पुष्टि की है कि जून में तापमान ने 38°C का नया रिकॉर्ड बनाया, जो पहले के अनुमानों से भी अधिक था। यह गर्मी और सूखे का दोहरा प्रहार देश की बुनियादी संरचना के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

क्या आप जानते हैं?: यूके में 'फ्लैश ड्राउट' तब होता है जब अत्यधिक गर्मी के कारण मिट्टी की नमी बहुत तेजी से खत्म हो जाती है, जिससे पारंपरिक सूखे की तुलना में स्थिति अधिक अचानक और विनाशकारी हो जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: किन क्षेत्रों में सबसे अधिक सूखा पड़ा है?
उत्तर: लंदन, ईस्ट एंग्लिया, दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड और वेस्ट मिडलैंड्स प्रमुख प्रभावित क्षेत्र हैं।

प्रश्न 2: सूखे का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: अत्यधिक उच्च तापमान और रिकॉर्ड स्तर की कम वर्षा इसका मुख्य कारण है।