विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन की आधिकारिक यात्रा के दौरान, भारत ने फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान और गाजा में मानवीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
- भारत ने फिलिस्तीन के लिए एक वार्ता-आधारित 'दो-राज्य समाधान' का समर्थन जारी रखा है।
- गाजा में गंभीर मानवीय स्थिति पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
- दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे विकास सहयोग पर चर्चा की।
नई दिल्ली/जेरूसलम: भारत ने एक बार फिर फिलिस्तीन के लिए अपने दीर्घकालिक रुख को स्पष्ट करते हुए एक वार्ता-आधारित 'दो-राज्य समाधान' (Two-State Solution) का समर्थन किया है। विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन की हालिया आधिकारिक यात्रा के दौरान, भारत ने फिलिस्तीनी नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता पर महत्वपूर्ण चर्चा की।
श्रीप्रिया रंगनाथन, जो 16 से 21 अगस्त तक मिस्र, फिलिस्तीन और लेबनान के दौरे पर हैं, ने फिलिस्तीनी विदेश मंत्री और प्रवासी मामलों की मंत्री वर्सेन अगाबेकियन शाहिन से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान, भारत ने गाजा में जारी गंभीर मानवीय संकट पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और शांति बहाली के लिए निरंतर संवाद और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का यह रुख मध्य पूर्व में उसकी संतुलित विदेश नीति को दर्शाता है। एक तरफ भारत के इजरायल के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर फिलिस्तीनी लोगों के प्रति उसकी मानवीय प्रतिबद्धता और विकास साझेदारी भी अटूट है। गाजा की स्थिति पर भारत का रुख वैश्विक शांति के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
भारत का रुख स्पष्ट है: शांति केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है, न कि सैन्य बल से।
बैठक के दौरान, दोनों देशों ने भारत-फिलिस्तीन द्विपक्षीय संबंधों के पूर्ण स्पेक्ट्रम की समीक्षा की। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण (Capacity Building) जैसे क्षेत्रों में चल रही भारत की विकास सहायता परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। फिलिस्तीनी विदेश मंत्री ने भारत द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति, मानवीय सहायता और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों को दिए जाने वाले योगदान के लिए सराहना की।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीन के पक्ष में रहा है। स्वतंत्रता के बाद से ही भारत ने फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन किया है। भारत न केवल राजनयिक समर्थन देता है, बल्कि फिलिस्तीनी संस्थानों के निर्माण के लिए बुनियादी ढांचे, चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करता रहा है।
Frequently Asked Questions
1. 'दो-राज्य समाधान' क्या है?
इसका अर्थ है एक स्वतंत्र फिलिस्तीन और इजरायल के सह-अस्तित्व के साथ एक शांतिपूर्ण समाधान।
2. भारत गाजा में क्या कर रहा है?
भारत गाजा में मानवीय सहायता और विकास परियोजनाओं के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान कर रहा है।