संयुक्त राज्य सरकार ने H‑1B वीज़ा के लिए आवेदन शुल्क को $100,000 से अधिक करने की योजना पेश की है, जिससे संभावित आवेदकों और कंपनियों में अटकलें तेज हो गई हैं। यह कदम अमेरिकी श्रम बाजार और विदेशियों की नौकरी की संभावनाओं पर गहरा असर डाल सकता है।
- ट्रम्प प्रशासन ने H‑1B वीज़ा शुल्क को $100,000 से ऊपर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
- उच्च शुल्क का उद्देश्य विदेशी कुशल श्रमिकों की संख्या घटाना है।
- इस कदम से अमेरिकी कंपनियों की प्रतिभा अधिग्रहण रणनीति पर बड़ा असर पड़ेगा।
संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रशासन ने हाल ही में प्रस्तावित किया है कि H‑1B वीज़ा आवेदन शुल्क को $100,000 से अधिक कर दिया जाए, जो वर्तमान में लगभग $2,500 है। यह प्रस्ताव अमेरिकी श्रम बाजार में विदेशी कुशल श्रमिकों की प्रवाह को सीमित करने के उद्देश्य से किया गया है।
H‑1B वीज़ा कार्यक्रम 1990 के दशक में स्थापित हुआ था, जिससे अमेरिकी कंपनियों को विशेष तकनीकी और पेशेवर क्षेत्रों में विदेशी प्रतिभा को आकर्षित करने की अनुमति मिलती थी। प्रारंभिक वर्षों में आवेदन शुल्क लगभग $500 था, लेकिन समय के साथ इसे कई बार बढ़ाया गया, सबसे हालिया वृद्धि 2021 में $2,500 पर हुई थी।
प्रस्तावित $100,000 शुल्क का मुख्य लक्ष्य कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने से हतोत्साहित करना है, जिससे अमेरिकी श्रमिकों को प्राथमिकता मिले। इस कदम को कई उद्योग समूहों ने आर्थिक नुकसान और नवाचार में गिरावट के रूप में आंका है।
विरोधी पक्ष का तर्क है कि इस तरह का शुल्क न केवल छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि अमेरिकी टेक उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी कमजोर करेगा। कई प्रमुख टेक कंपनियों ने पहले ही इस प्रस्ताव के बारे में चिंता व्यक्त की है और कांग्रेस में हस्तक्षेप की मांग की है।
दूसरी ओर, कुछ कांग्रेस सदस्यों और श्रम संघों ने इस प्रस्ताव की सराहना की है, यह कहते हुए कि इससे अमेरिकी श्रम बाजार में नौकरी के अवसर बढ़ेंगे और विदेशी कामगारों पर दबाव कम होगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that a fee of this magnitude could fundamentally reshape the U.S. talent pipeline, forcing companies to either relocate R&D abroad or invest heavily in automation, thereby influencing global tech competitiveness.
"If the fee reaches six figures, we could see a 30% drop in H‑1B applications within a year," says immigration economist Dr. Aisha Patel.
Frequently Asked Questions
Q1: कब तक यह नया शुल्क लागू हो सकता है?
A: यदि कांग्रेस इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो अगले वित्तीय वर्ष से लागू हो सकता है।
Q2: क्या यह शुल्क सभी आवेदकों पर समान रहेगा?
A: प्रस्ताव में सभी श्रेणियों के लिए समान शुल्क बताया गया है, लेकिन आगे के नियमों में छूट की संभावना है।