अमेरिकी नौसेना के कार्यकारी ने स्वीकार किया कि बहरैन में स्थित US नौसैनिक केंद्र को ईरानी हमलों ने भारी नुकसान पहुँचाया। जॉर्डन के अल‑अज़राक बेस पर भी समान रूप से विनाशकारी मिसाइल वार हुए।

  • बहरैन में US नौसैनिक केंद्र को गंभीर क्षति
  • जॉर्डन के अल‑अज़राक बेस पर ईरानी मिसाइल हमला
  • US फिफ्थ फ़्लीट की संचालन क्षमता पर बड़ा असर

बहरैन में US नौसैनिक केंद्र पर हमले की विस्तृत जानकारी

संयुक्त राज्य नौसेना के कार्यकारी हंग काओ ने The Epoch Times को बताया कि ईरान ने बहरैन के Naval Support Activity (NSA) को "पूरी तरह ध्वस्त" कर दिया। फरवरी‑जून 2026 के बीच कई बार किए गए इरानी स्ट्राइक ने कमांड सेंटर और कम से कम दो दर्जन इमारतों को नष्ट कर दिया।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने उपग्रह छवियों, सोशल मीडिया फुटेज और सैनिकों के साक्षात्कारों के आधार पर पुष्टि की कि पेंटागन ने शुरुआती तौर पर क्षति को अनदेखा किया था। इस नुकसान के कारण USS Abraham Lincoln कैरियर समूह को बहरैन में लंगर डालने की जगह नहीं मिल पाई।

जॉर्डन के अल‑अज़राक बेस पर ईरानी मिसाइल हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार रात अल‑अज़राक (मुवफ़ाक साल्टी) एयर बेस पर "विनाशकारी" मिसाइल स्ट्राइक किया। इस हमले में F‑35, F‑16 और F‑15 जेटों के रख‑रखाव स्थल तथा शेल्टर को लक्ष्य बनाया गया।

जॉर्डन की सेना ने 20 में से 18 मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया, पर दो मिसाइल खुले क्षेत्रों में गिर गईं। अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम ने 30 से अधिक इंटरसेप्टर लॉन्च किए, फिर भी एक A‑10 थंडरबोल्ट का पंख टूट गया और आठ F‑15 हल्की क्षति के साथ वापस सेवा में आए।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NSA बहरैन 2003 के इराक युद्ध के बाद US फिफ्थ फ़्लीट का मुख्यालय बन गया और मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसैनिक लॉजिस्टिक्स का हृदय माना जाता रहा। इस बेस की रणनीतिक स्थिति ने इसे ईरान के लिए प्रमुख लक्ष्य बना दिया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the disabling of NSA बहरैन और अल‑अज़राक दोनों बेसों से US की मध्य‑पूर्वीय शक्ति प्रोजेक्शन में गंभीर कमी आएगी, जिससे क्षेत्रीय गठबंधनों और तेल‑गैस शिपिंग रूट्स पर नई असुरक्षा उत्पन्न होगी।

"बहरैन और जॉर्डन में US बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त होना, अमेरिकी रणनीतिक संतुलन को पुनः परिभाषित करेगा," कहते हैं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह।
Did You Know?: बहरैन में NSA बेस 1995 में स्थापित हुआ था और वह पहले US‑UK संयुक्त नौसैनिक अभ्यास का मुख्य स्थल था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या US बहरैन बेस को फिर से चालू किया जाएगा?

उत्तर: नौसेना ने एक टास्क फोर्स स्थापित किया है, पर अभी तक मरम्मत या पुनर्स्थापना की स्पष्ट योजना नहीं बनी है।

प्रश्न 2: इस हमले का मध्य‑पूर्वी सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?

उत्तर: क्षेत्र में US सैन्य उपस्थिति घटने से इरान को रणनीतिक लाभ मिल सकता है, जबकि सहयोगी देशों को वैकल्पिक सुरक्षा कवच की आवश्यकता होगी।