इजरायल ने दक्षिण लेबनान की रणनीतिक अली अल-ताहेर रिज के नीचे बनी हिजबुल्लाह की सुरंगों को नष्ट कर दिया है, जिससे 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इस सैन्य कार्रवाई को इजरायल ने अपनी सुरक्षा के लिए एक बड़ी जीत बताया है।
- इजरायल ने अली अल-ताहेर रिज के नीचे स्थित हिजबुल्लाह के व्यापक सुरंग नेटवर्क को नष्ट किया।
- धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया।
- सुरंगों से बड़ी मात्रा में ईरानी निर्मित रॉकेट, मिसाइलें और ड्रोन बरामद किए गए।
इजरायली रक्षा बलों ने गुरुवार को दक्षिण लेबनान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया। इजरायल के अनुसार, ईरान समर्थित आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अली अल-ताहेर रिज के नीचे सुरंगों का एक जटिल जाल बिछा रखा था। इन सुरंगों का उद्देश्य इजरायली सीमा पर गुप्त हमले करना और सैन्य संचालन को सुरक्षित बनाना था।
इस ऑपरेशन के दौरान हुए भीषण विस्फोटों ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। लेबनान की आधिकारिक समाचार एजेंसी (NNA) और स्थानीय निवासियों ने रिपोर्ट किया कि धमाकों के बाद जमीन में तेज कंपन महसूस हुआ। बाद में, यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने पुष्टि की कि इस क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जो वास्तव में इजरायली सेना द्वारा किए गए नियंत्रित लेकिन विशाल विस्फोटों का परिणाम था।
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, अली अल-ताहेर रिज पर नियंत्रण प्राप्त करना केवल एक सामरिक जीत नहीं है, बल्कि यह हिजबुल्लाह की रसद और संचार लाइनों को काटने का एक प्रयास है। इजरायल यहाँ एक 'सुरक्षा क्षेत्र' (Security Zone) स्थापित करना चाहता है ताकि उत्तरी इजरायल में नागरिक बस्तियों पर होने वाले हमलों को रोका जा सके। यह कार्रवाई दर्शाती है कि लेबनान और इजरायल के बीच पिछले समझौतों के बावजूद तनाव चरम पर है।
"अली अल-ताहेर रिज का विनाश हिजबुल्लाह की दो दशकों की रणनीतिक तैयारी को ध्वस्त करने जैसा है, जो सीधे तौर पर ईरानी सैन्य प्रभाव को कम करता है।"
इजरायली सेना ने खुलासा किया कि यह भूमिगत परिसर 2 किलोमीटर से अधिक लंबा था। यहाँ से 'बद्र' यूनिट का कमांड सेंटर संचालित हो रहा था। तलाशी के दौरान दर्जनों ईरानी निर्मित रॉकेट, एंटी-टैंक मिसाइलें, सैकड़ों बारूदी सुरंगें और उन्नत यूएवी (UAVs) बरामद किए गए। सेना ने बताया कि कुछ लड़ाकों को हवाई हमलों में ढेर कर दिया गया, जबकि अन्य ने क्षेत्र छोड़ दिया।
ऐतिहासिक रूप से, लेबनान और इजरायल के बीच सीमा विवाद दशकों पुराना है। जून में अमेरिका की मध्यस्थता के बाद एक संक्षिप्त शांति देखी गई थी, लेकिन हाल के हफ्तों में हिंसा फिर से बढ़ गई है। अमेरिका ने सुझाव दिया था कि इस रिज का नियंत्रण लेबनानी सेना को दिया जाए, लेकिन हिजबुल्लाह ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था।
| विवरण | हिजबुल्लाह का दावा/उपयोग | इजरायली सेना की खोज |
|---|---|---|
| सुरंग की लंबाई | गुप्त आवाजाही के लिए | 2 किलोमीटर से अधिक |
| शस्त्रागार | रक्षात्मक बुनियादी ढांचा | ईरानी मिसाइलें, ड्रोन और माइन्स |
| नियंत्रण | रणनीतिक बढ़त | पूर्ण परिचालन नियंत्रण (Operational Control) |
1. क्या यह वास्तव में एक प्राकृतिक भूकंप था?
नहीं, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसे दर्ज किया, लेकिन यह इजरायली सेना द्वारा सुरंगों को नष्ट करने के लिए किए गए विशाल विस्फोटों के कारण हुआ था।
2. अली अल-ताहेर रिज का रणनीतिक महत्व क्या है?
यह क्षेत्र ऊँचाई पर स्थित है, जिससे यहाँ से दक्षिण लेबनान और उत्तरी इजरायल की निगरानी और हमला करना आसान हो जाता है।