ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका द्वारा लगाए गए परमाणु संवर्धन के आरोपों को खारिज करते हुए इसे तेहरान पर हमला करने का एक बहाना बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का पालन कर रहा है और उसका कार्यक्रम पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में है।

  • राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल के परमाणु आरोपों को 'झूठा प्रचार' करार दिया।
  • ईरान ने स्पष्ट किया कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा है और NPT का सदस्य है।
  • अमेरिका के साथ सीधे वार्ता की संभावना पर पेज़ेश्कियन ने विश्वास की कमी का हवाला दिया।
  • इजरायल की परमाणु क्षमताओं पर अंतरराष्ट्रीय जांच न होने पर सवाल उठाए।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने एक विशेष साक्षात्कार में अमेरिका और इजरायल द्वारा लगाए जा रहे परमाणु संवर्धन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पेज़ेश्कियन ने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश ईरान के खिलाफ 'फर्जी प्रचार' चला रहे हैं ताकि तेहरान की संप्रभुता पर हमला करने के लिए एक बहाना (Alibi) बनाया जा सके।

पेज़ेश्कियन ने तर्क दिया कि यदि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता, तो वह कभी भी परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का हस्ताक्षरकर्ता नहीं बनता। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक निगरानी के अधीन हैं और वे सभी अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के ढांचे के भीतर काम कर रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पेज़ेश्कियन का यह बयान मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिका द्वारा परमाणु संवर्धन के दावों का उपयोग सैन्य कार्रवाई को वैध बनाने के लिए किया जा सकता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

ईरान का NPT सदस्य होना यह दर्शाता है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे के भीतर रहकर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं, न कि युद्ध के लिए हथियार बनाना चाहते हैं।

राष्ट्रपति ने यह भी सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इजरायल की परमाणु क्षमताओं पर चुप्पी क्यों साधे हुए है, जबकि इजरायल NPT का सदस्य भी नहीं है। उन्होंने गाजा और लेबनान में नागरिकों की हत्याओं की भी कड़ी निंदा की और दुनिया की चुप्पी पर गहरा दुख व्यक्त किया।

अमेरिका के साथ संबंधों पर बात करते हुए, पेज़ेश्कियन ने कहा कि वर्तमान में डोनाल्ड ट्रंप के साथ सीधे संवाद की संभावना कम है। उन्होंने बताया कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता के निधन और युद्ध की परिस्थितियों ने दोनों देशों के बीच विश्वास को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।

Historical Background

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु विवाद दशकों पुराना है। 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) के बाद तनाव कम हुआ था, लेकिन अमेरिका के बाहर निकलने के बाद से ईरान और पश्चिम के बीच परमाणु संवर्धन को लेकर खींचतान फिर से शुरू हो गई है।

Did You Know?: ईरान दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है जो परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का हिस्सा है, जो इसके शांतिपूर्ण परमाणु उद्देश्यों का दावा पुख्ता करता है।

Frequently Asked Questions

1. क्या ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है?
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन के अनुसार, नहीं। उन्होंने कहा कि ईरान NPT का सदस्य है और उसकी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय निगरानी में हैं।

2. ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत क्यों नहीं हो पा रही है?
विश्वास की कमी और पिछले संघर्षों के कारण दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता बंद है।