नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं ने परमाणु सुरक्षा और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों के बढ़ते जोखिमों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में 'नई दिल्ली घोषणा' को सर्वसम्मति से अपनाया गया।
- 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में 'नई दिल्ली घोषणा' को आधिकारिक रूप से अपनाया गया।
- नेताओं ने परमाणु सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों के प्रति चेतावनी दी।
- ईरान और यूएई के बीच समझौता होने के बाद शिखर सम्मेलन में आम सहमति बनी।
- प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS को 'नियम बनाने वाले' देशों के रूप में पेश किया।
नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 2026 अपने अंतिम चरण में है। इस महत्वपूर्ण वैश्विक बैठक के दौरान, विश्व के शक्तिशाली नेताओं ने परमाणु सुरक्षा और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सम्मेलन का महत्व उस समय और बढ़ गया जब यह रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में अस्थिरता और नई अमेरिकी टैरिफ नीतियों जैसे वैश्विक संकटों के बीच हो रहा है।
नई दिल्ली घोषणा और वैश्विक आम सहमति
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें 11 सदस्यीय समूह ने 'नई दिल्ली घोषणा' (New Delhi Declaration) को अपनाया। इस ऐतिहासिक क्षण से पहले, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच पश्चिम एशिया के युद्ध से संबंधित भाषा पर एक अंतिम समय में समझौता हुआ, जिससे शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति सुनिश्चित हुई।
सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए।
परमाणु सुरक्षा पर गंभीर चेतावनी
शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा घेरे में मौजूद शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे पर 'जानबूझकर किए जाने वाले हमलों' के प्रति आगाह किया। घोषणापत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया कि सशस्त्र संघर्षों के दौरान भी परमाणु सुरक्षा और सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि BRICS का विस्तार और इसकी नई घोषणाएं वैश्विक शक्ति संतुलन को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। पश्चिम एशिया और यूक्रेन के संघर्षों के बीच, BRICS अब केवल एक आर्थिक समूह नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और नियम निर्धारण (Rule-shaping) में एक महत्वपूर्ण आवाज बनकर उभर रहा है।
परमाणु सुरक्षा पर यह सामूहिक चिंता वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत है।
Frequently Asked Questions
1. नई दिल्ली घोषणा क्या है?
यह 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में अपनाया गया एक आधिकारिक दस्तावेज है जो वैश्विक सुरक्षा, परमाणु मानकों और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित है।
2. शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र क्या रहा?
मुख्य केंद्र परमाणु खतरों को कम करना, पश्चिम एशिया में शांति और वैश्विक आर्थिक नियमों को फिर से परिभाषित करना रहा।