कानन देवन हिल्स प्लांटेशन्स (KDHP) के 6,000 फीट ऊँचाई वाले पहाड़ों पर नीलकुर्नीजी के विशाल फुलों ने इस साल हजारों यात्रियों को आकर्षित किया है। 3 सितंबर से प्रवेश शुल्क लेकर ट्रेकिंग के लिए द्वार खुला।

  • नीलकुर्नीजी का ब्लूम 2014 के बाद दोबारा आया
  • KDHP ने 3 सितंबर से ट्रेकिंग के लिए खुला
  • पर्यटक संख्या में इस साल 30 % की वृद्धि की उम्मीद

फूलों का अद्भुत दृश्य

कानन देवन हिल्स प्लांटेशन्स (KDHP) के कोरंडक्कड़ और मट्टुपेट्टी क्षेत्रों में नीलकुर्नीजी (Strobilanthes kunthiana) ने अगस्त के अंत में धूम मचा दी। 6,000 फीट की ऊँचाई पर फैले ये बैंगनी‑नीले फूल 2014 के बाद फिर से बड़े पैमाने पर दिखे, जिससे पहाड़ों की चोटी पर एक जीवंत रंगीन चादर बिछ गई।

पर्यटकों की बढ़ती भीड़

केरल के इडुकी जिले में स्थित यह क्षेत्र अब एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। KDHP ने 3 सितंबर को प्रवेश शुल्क लेकर ट्रेकिंग मार्ग खोल दिया, जिससे स्थानीय बसों (KSRTC) के माध्यम से आगंतुक आसानी से पहुंच सकते हैं।

समारोह एवं उद्घाटन

देविकुलम विधायक ए. राजा ने कोरंडक्कड़ प्रवेश बिंदु पर इस ट्रेकिंग मार्ग का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर देविकुलम सब‑कलैक्टर वी.एम. आर्या, KDHP के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ अमीर अब्बास खान, पंचायत प्रमुख सरन्या, मुन्नार पंचायत अध्यक्ष एस. विजयकुमार और KSRTC के सहायक परिवहन अधिकारी निजामुदीन भी मौजूद थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

नीलकुर्नीजी का ब्लूम हर 12‑13 वर्ष में एक बार होता है, जो वैज्ञानिकों और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। 2014 में इस फूल ने पहली बार बड़े पैमाने पर दिखाया था, तब से इस क्षेत्र की पहचान पर्यावरणीय पर्यटन के रूप में विकसित हुई है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस ब्लूम से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता और सतत पर्यटन मॉडल के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

"नीलकुर्नीजी का पुनरावृत्ति स्थानीय समुदायों के लिए आय के नए स्रोत खोलती है," कहते हैं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. रवींद्रन.
Did You Know?: नीलकुर्नीजी केवल 12‑13 साल में एक बार ही फूलता है, जिससे यह भारत के सबसे दुर्लभ प्राकृतिक घटनाओं में से एक है।

Frequently Asked Questions

Q1: ट्रेकिंग के लिए प्रवेश शुल्क कितना है?
A1: वर्तमान में प्रवेश शुल्क ₹150 है, जिसमें मार्गदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

Q2: क्या फोटोग्राफी के लिए कोई प्रतिबंध है?
A2: नहीं, लेकिन पर्यटकों को प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुँचाने से बचना चाहिए।