जैसे-जैसे पालतू जानवरों में मोटापा एक वैश्विक महामारी बनता जा रहा है, पशु चिकित्सक अब इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या इंसानों वाली वजन घटाने वाली दवाएं जानवरों के लिए सुरक्षित हैं या विशेष आहार ही एकमात्र विकल्प है।

  • वैश्विक स्तर पर पालतू जानवरों में मोटापा बढ़ रहा है; अमेरिका में लगभग 35% कुत्ते और बिल्लियाँ अधिक वजन वाले हैं।
  • पशु चिकित्सक जानवरों को इंसानी GLP-1 दवाएं (जैसे ओज़ेम्पिक) देने के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं।
  • पालतू जानवर के स्वास्थ्य के आकलन के लिए केवल वजन नहीं, बल्कि 'बॉडी कंडीशन स्कोरिंग' (BCS) अधिक महत्वपूर्ण है।
  • वर्तमान में मांसपेशियों को सुरक्षित रखते हुए वजन घटाने के लिए विशेष 'वेट-मैनेजमेंट' आहार की सलाह दी जाती है।

वजन घटाने की चर्चा अब केवल इंसानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह पालतू जानवरों की दुनिया में भी तेजी से फैल रही है। 'Ozempup' (ओज़ेम्पिक और पपी का मिश्रण) जैसे शब्दों का चलन यह दर्शाता है कि पेट पेरेंट्स अब अपने पालतू जानवरों के मोटापे के लिए त्वरित फार्मास्युटिकल समाधान खोज रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि जानवरों की जैविक जरूरतें इंसानों से बिल्कुल अलग होती हैं।

राजस्थान के चांदवजी स्थित न्यू लाइफ केयर पेट क्लिनिक के डॉ. रामजीलाल यादव के अनुसार, अधिक भोजन, कैलोरी से भरपूर ट्रीट और शारीरिक गतिविधि की कमी इस समस्या के मुख्य कारण हैं। उन्होंने बताया कि कई मालिक पालतू जानवर की उम्र, नस्ल या उसकी नसबंदी की स्थिति के अनुसार भोजन की मात्रा को समायोजित नहीं करते, जिससे मोटापा बढ़ता है।

वजन मापने के लिए पशु चिकित्सक बॉडी कंडीशन स्कोरिंग (BCS) का उपयोग करते हैं। यह 9-पॉइंट स्केल होता है, जिसमें 4-5/9 को आदर्श माना जाता है। यह सिस्टम केवल वजन नहीं, बल्कि पसलियों की बनावट और कमर के आकार की जांच करता है, जिससे वास्तविक शारीरिक स्थिति का पता चलता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि पेट हेल्थ मार्केट अब बुनियादी पोषण से हटकर विशेष मेडिकल वेलनेस की ओर बढ़ रहा है। भारत में पेट ओबेसिटी मार्केट के 2031 तक 2.4 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह केवल दिखावे की बात नहीं है; मोटापा पालतू जानवरों में मधुमेह (diabetes) और जोड़ों की बीमारियों का कारण बनता है, जिससे उनका जीवनकाल कम हो जाता है।

"मानव सेमाग्लुटाइड उत्पादों को पशु चिकित्सक के निर्देश के बिना जानवरों को नहीं दिया जाना चाहिए; इसकी सुरक्षा और दीर्घकालिक प्रभावों के लिए समर्पित पशु चिकित्सा साक्ष्य की आवश्यकता है।"

यद्यपि GLP-1 थेरेपी भूख और ग्लूकोज विनियमन के लिए शोध का विषय बनी हुई है, लेकिन डॉ. दीपराज प्रजापति चेतावनी देते हैं कि इन दवाओं का गलती से जानवरों के संपर्क में आना खतरनाक हो सकता है। वर्तमान में, पशु चिकित्सक 'तृप्ति के विज्ञान' (science of satiety) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि ऐसे खाद्य पदार्थ बनाए जा सकें जो कम कैलोरी में भी पेट भरा हुआ महसूस कराएं।

ड्रूल्स (Drools) के सीईओ डॉ. शशांक सिन्हा बताते हैं कि वेट-मैनेजमेंट फूड केवल 'कम भोजन' देना नहीं है। इन्हें L-carnitine और घुलनशील फाइबर के साथ तैयार किया जाता है ताकि वजन घटते समय मांसपेशियां सुरक्षित रहें और केवल अतिरिक्त चर्बी कम हो। इसमें जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए ग्लूकोसामाइन भी जोड़ा जाता है।

विशेषता सामान्य पेट फूड वेट मैनेजमेंट डाइट
कैलोरी घनत्व उच्च नियंत्रित/कम
तृप्ति स्तर सामान्य अधिक (घुलनशील फाइबर)
मांसपेशियों का समर्थन सामान्य उच्च प्रोटीन-टू-कैलोरी अनुपात
जोड़ों की देखभाल वैकल्पिक अक्सर ग्लूकोसामाइन युक्त
क्या आप जानते हैं?: अमेरिका में 33% से अधिक बिल्लियाँ अब अधिक वजन वाली मानी जाती हैं, जिससे बिल्लियों में मोटापा कुत्तों के लगभग बराबर हो गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्या मैं अपने कुत्ते को इंसानी वजन घटाने वाली दवा की छोटी खुराक दे सकता हूँ?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। इंसानी दवाएं जानवरों की शारीरिक संरचना के लिए नहीं बनी होती हैं और बिना डॉक्टर की सलाह के गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकती हैं।

p>प्रश्न: मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा पालतू जानवर चिकित्सकीय रूप से मोटा है?
उत्तर: पशु चिकित्सक से 'बॉडी कंडीशन स्कोर' (BCS) जांच करवाएं; यदि आप अपने पालतू जानवर की पसलियों को आसानी से महसूस नहीं कर पा रहे हैं, तो वह अधिक वजन वाला हो सकता है।